ओडिशा तट से बचाए गए आंध्र के 20 मछुआरे
अविनाश
- 07 Jul 2026, 04:50 PM
- Updated: 04:50 PM
विशाखापत्तनम, सात जुलाई (भाषा) आंध्र प्रदेश के कृषि और मत्स्य पालन मंत्री किंजरापु अच्चन्नायडू ने कहा है कि ओडिशा के पारादीप तट के पास फंसे सभी मछुआरे सुरक्षित रूप से पारादीप बंदरगाह पहुंच गए हैं और मंगलवार को विशाखापत्तनम पहुंचेंगे।
मछुआरों को उस समय बचाया गया, जब मछली पकड़ने वाली उनकी नाव का इंजन खराब हो गया और ओडिशा तट के पास खराब मौसम के कारण नाव बहकर गहरे समुद्र में पहुंच गई।
अच्चन्नायडू ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में कहा, "सभी मछुआरे सुरक्षित हैं और पारादीप बंदरगाह पहुंच चुके हैं। वे मंगलवार को विशाखापत्तनम पहुंचेंगे।"
मंत्री ने बताया कि पारादीप बंदरगाह पर चिकित्सकीय जांच में सभी मछुआरों के स्वस्थ होने की पुष्टि हुई है।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से इच्छापुरम पुलिस के जवान पारादीप बंदरगाह पहुंच गए हैं और वे मछुआरों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा, "मछुआरों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने हर स्तर पर संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया है और उनकी भलाई के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं। यह बड़ी राहत की बात है कि वे सभी सुरक्षित हैं।"
उन्होंने कहा कि मछुआरों के विशाखापत्तनम पहुंचने के बाद राज्य सरकार उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगी।
इस बीच, विशाखापत्तनम तट से एक जुलाई को समुद्र में लापता हुए सात मछुआरों में से एक कारी चिन्ना को सोमवार को सुरक्षित बचा लिया गया। बचावकर्मी भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें विशाखापत्तनम स्थित आईएनएस डेगा लेकर पहुंचे।
शेष छह मछुआरों का पता लगाने के लिए अभियान जारी है। इस अभियान में भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना भी शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश पुलिस ने विशाखापत्तनम तट के पास अशांत समुद्र में मछली पकड़ने वाली नाव के कथित रूप से पलटने और छह मछुआरों के लापता होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। यह प्राथमिकी रगुतु लक्ष्मी की शिकायत पर दर्ज की गई, जिनके पति भी लापता मछुआरों में शामिल हैं।
प्राथमिकी के अनुसार, सातों मछुआरे एक जुलाई को समुद्र में मछली पकड़ने के लिए गए थे। तीन दिन बाद लौटते समय चार जुलाई को दोपहर करीब 2:30 बजे ऊंची लहरों के कारण उनकी नाव कथित रूप से पलट गई।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि परिवारों को इस हादसे की जानकारी पांच जुलाई को मिली। हादसे में एक मछुआरा सुरक्षित बच गया, जबकि शेष छह मछुआरे अब भी लापता हैं।
भाषा तान्या अविनाश
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