वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए सूरत से अहमदाबाद पहुंचाया गया 'धड़कता' हुआ हृदय
दिलीप
- 31 Jul 2026, 09:23 PM
- Updated: 09:23 PM
(जीवन प्रकाश शर्मा)
नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) भारतीय रेल ने सूरत से अहमदाबाद के बीच मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिये शुक्रवार को एक 'धड़कता' हुआ हृदय सफलतापूर्व पहुंचाया, जिसका 'यू. एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर' में एक मरीज को प्रतिरोपण किया जाएगा।
रेल मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, '' जीवन रक्षक अंग (हृदय) को ट्रेन संख्या 20901 मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए सूरत से अहमदाबाद पहुंचाया गया। इससे समय पर हृदय की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित हो सकी, जिससे अहमदाबाद स्थित यू. एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में प्रतिरोपण संभव हो सकेगा।''
अधिकारियों ने बताया कि जब शुक्रवार सुबह 9:05 बजे ट्रेन सूरत स्टेशन पहुंची, तो चिकित्सकों की टीम के साथ इस धड़कते हुए हृदय को ट्रेन में रखा गया। यह ट्रेन सुबह 11:40 बजे अहमदाबाद पहुंच गई।
अधिकारियों ने बताया, ''रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और गुजरात राज्य पुलिस द्वारा अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से यू. एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर तक एक विशेष 'ग्रीन कॉरिडोर' बनाया गया। इससे हृदय की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हुई और बिना किसी देरी के प्रतिरोपण की प्रक्रिया शुरू की जा सकी।''
इस अभियान में शामिल अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश ने कहा, ''यह भारतीय रेल के लिए बेहद गर्व और संतोष का क्षण है। वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से सूरत से अहमदाबाद तक धड़कते हुए हृदय का सफल परिवहन पारंपरिक यात्री और माल परिवहन से परे समाज की सेवा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।''
वेद प्रकाश ने कहा, ''इस तरह के जीवन रक्षक अभियानों में हर एक मिनट महत्वपूर्ण होता है। भारतीय रेल, आरपीएफ, गुजरात राज्य पुलिस और मेडिकल टीम के बीच उत्कृष्ट समन्वय ने इस मिशन की सफलता सुनिश्चित की। मानव जीवन बचाने में योगदान देना न केवल हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि मानवता और सेवा के प्रति हमारा सर्वोच्च कर्तव्य भी है।''
अधिकारियों ने कहा कि आरपीएफ, गुजरात राज्य पुलिस, चिकित्सकों, अंग प्रतिरोपण समन्वयकों (ऑर्गन ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेटर) और रेलवे अधिकारियों सहित वे सभी पक्ष प्रशंसा के पात्र हैं, जिनके तालमेल से यह चुनौतीपूर्ण मिशन सफल हो सका।
भाषा रवि कांत दिलीप
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