'यूनाइटेड हिंदू फ्रंट' ने संसद मार्च के दौरान हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर रासुका लगाने की मांग की
पारुल
- 31 Jul 2026, 09:21 PM
- Updated: 09:21 PM
नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) 'यूनाइटेड हिंदू फ्रंट' और राष्ट्रवादी शिवसेना ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करके 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा में कथित तौर पर शामिल लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
'यूनाइटेड हिंदू फ्रंट' के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राष्ट्रवादी शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने एक बयान में आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के बैनर तले शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का इस्तेमाल विपक्षी दलों ने राजनीतिक मकसद के लिए किया।
उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेता ''दिखावटी सहानुभूति'' जताने के लिए विरोध स्थल पर गए थे और वे चाहते थे कि अगर अनशन के दौरान वांगचुक के साथ कुछ बुरा हो, तो इसका दोष केंद्र पर मढ़ा जाए।
गोयल ने कहा कि केंद्र ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर और संसद में प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त विधेयक पारित करके ऐसी कोशिशों को 'नाकाम' कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पथराव करने के अलावा पुलिसकर्मियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों पर हमले किए, ताकि सुरक्षा बलों को बहुत अधिक बल प्रयोग करने के लिए उकसाया जा सके।
गोयल ने दावा किया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंदू-विरोधी और देश-विरोधी नारे लगाए गए।
बिना कोई सबूत दिए गोयल ने आरोप लगाया कि हिंसा भड़काने के लिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से प्राप्त वीडियो का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान 2,500 से अधिक कुख्यात अपराधी मौजूद थे।
गोयल ने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों के स्कूल बैग में किताबों की जगह पत्थर थे। उन्होंने खालिस्तान-समर्थक अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू पर विदेश से प्रदर्शनकारियों को उकसाने का आरोप लगाया।
गोयल ने आरोप लगाया कि संसद मार्च को 'विदेशी वित्तपोषण' प्राप्त था और इसे कॉजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) ने आयोजित किया था।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और भीड़ को संसद में घुसने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस की तारीफ की।
गोयल ने कहा कि 'यूनाइटेड हिंदू फ्रंट' ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल, पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखकर मांग की है कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए और उन पर रासुका लगाया जाए।
भाषा संतोष पारुल
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