महाराष्ट्र विधानसभा में बारिश की स्थिति पर चर्चा की मांग, अध्यक्ष ने अल्पकालिक चर्चा का दिया सुझाव
सुरेश
- 07 Jul 2026, 04:14 PM
- Updated: 04:14 PM
मुंबई, सात जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने जान-माल के नुकसान और व्यापक क्षति का हवाला देते हुए राज्य में भारी बारिश की स्थिति पर मंगलवार को चर्चा की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि विपक्ष द्वारा दिए गए स्थगन प्रस्ताव के नोटिस निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं थे, इसलिए उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सका। हालांकि, उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे को अल्पकालिक या आधे घंटे की चर्चा के माध्यम से उठाने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि वह सरकार को इस विषय पर बयान देने की अनुमति देंगे।
कांग्रेस के नाना पटोले ने पीठासीन अधिकारी से दिन का कामकाज स्थगित कर भारी बारिश के प्रभाव, खासकर मुंबई, ठाणे और राज्य के अन्य हिस्सों में इसके असर पर चर्चा कराने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के सदस्य बारिश से हुई मौतों, नुकसान और स्थिति से निपटने के उपायों पर विचार-विमर्श करना चाहते हैं।
इस मांग का समर्थन करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के जयंत पाटिल ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में बारिश से संबंधित घटनाओं में 12 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने प्रशासनिक खामियों का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष इस त्रासदी का राजनीतिकरण करने की कोशिश नहीं कर रहा है, बल्कि सरकार से स्थिति पर जवाब देने की मांग कर रहा है।
शिवसेना (उबाठा) के सदस्य भास्कर जाधव ने दावा किया कि बारिश से संबंधित घटनाओं में 20 से 25 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि बारिश से हुआ नुकसान केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी इसका व्यापक असर पड़ा है।
विपक्ष ने कहा कि मृतकों में वे लोग भी शामिल हैं, जो इमारतों के ढहने से मलबे में दब गए, ढक्कन-रहित गटर में बह गए या पेड़ गिरने से उनकी मौत हो गई।
विपक्षी सदस्यों ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की 'मिसिंग लिंक' परियोजना की स्थिति का भी मुद्दा उठाया और दावा किया कि कई स्थानों पर सड़कें बह गई हैं या दो हिस्सों में टूट गई हैं, जिससे आवागमन बाधित हुआ है। उन्होंने कहा कि कोंकण क्षेत्र के बड़े हिस्से और कई शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की अनुमति देने की अपील की। सदस्यों ने सरकार से सदन में रखी गई जानकारी को गंभीरता से लेने और तुरंत एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया।
भाषा प्रचेता सुरेश
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