नेतन्याहू ने किया वेंस के दावे का खंडन; कहा - हमें भारत का समर्थन
सुभाष
- 06 Jul 2026, 12:13 AM
- Updated: 12:13 AM
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, पांच जुलाई (भाषा) इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को भारत के समर्थन का उल्लेख करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस की उस टिप्पणी का खंडन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ''पूरी दुनिया में अमेरिका ही इजराइल का एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी बचा हुआ'' है।
नेतन्याहू ने 'फॉक्स न्यूज संडे ब्रीफिंग' कार्यक्रम में कहा कि इजराइल को भारत सहित कई अन्य देशों का समर्थन प्राप्त है।
नेतन्याहू ने कहा, ''हमारे कुछ और मित्र भी हैं, जैसे भारत नाम का एक देश। आप जानते हैं, वहां 1.4 अरब लोग रहते हैं और, सच कहूं तो, हमें वहां जबरदस्त समर्थन मिलता है।''
पिछले महीने व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन के दौरान वेंस ने कहा था कि इजराइल को अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का सम्मान करना चाहिए।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति से जब उन खबरों के बारे में पूछा गया था कि इजराइली नेतृत्व अमेरिका-ईरान समझौते से नाखुश है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना कर रहा है, तो वेंस ने कहा था, ''यदि मैं इजराइल सरकार के मंत्रिमंडल में होता, तो दुनिया में बचे अपने एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी की आलोचना नहीं करता।''
नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें 'फेसबुक' पर भारत से काफी समर्थन मिल रहा है।
इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा, ''फेसबुक पर मुझे भारी समर्थन मिलता है। संभव है कि कई अन्य जगहों से भी मुझे समर्थन प्राप्त हो।''
उन्होंने वेंस के इस दावे को खारिज कर दिया कि इजराइल का कोई अन्य सहयोगी नहीं है।
नेतन्याहू ने कहा, ''हमारे बहुत से मित्र हैं।''
उन्होंने कहा कि कई देश इजराइल की उन्नत साइबर सुरक्षा विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ''आप जानते हैं, कई नेता मुझे फोन करते हैं और कहते हैं, 'देखिए, हमारे यहां जनमत को लेकर कुछ मुश्किलें हैं, लेकिन हम आपको बताना चाहते हैं कि हम आपका सम्मान करते हैं। क्या हम कुछ करार कर सकते हैं? क्या आप हमें अपनी सेना की कुछ चीजें सिखा सकते हैं? और क्या हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आपकी विशेषज्ञता मिल सकती है?''
नेतन्याहू ने कहा, ''साइबर क्षेत्र में इजराइल दुनिया का दूसरा सबसे अग्रणी देश है और हमारी प्रौद्योगिकी बेहद उन्नत है। इसलिए हमारे संबंध वास्तव में वैसे नहीं हैं, जैसे बाहर से दिखाई देते हैं।''
भाषा रवि कांत रवि कांत सुभाष
सुभाष
0607 0013 वाशिंगटन