हिंदुओं को लूटने वाले सत्ता में हैं: उद्धव ने राम रक्षा आंदोलन शुरू किया, भाजपा पर निशाना साधा
नरेश
- 05 Jul 2026, 09:42 PM
- Updated: 09:42 PM
(तस्वीरों के साथ)
मुंबई, पांच जुलाई (भाषा) शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के खिलाफ रविवार को 'राम रक्षा' आंदोलन शुरू किया। इस मौके पर उन्होंने हिंदुत्व के मुद्दे पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को घेरने की कोशिश करते हुए कहा, "हिंदुओं को लूटने वाले लोग सत्ता में हैं।"
उद्धव ने मध्य मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर में 'हनुमान स्तोत्र', 'हनुमान चालीसा' और 'राम रक्षा स्तोत्र' का पाठ किया। उन्होंने मंदिर के बाहर एक रैली को संबोधित करते हुए राम मंदिर चढ़ावा 'चोरी' मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
भगवा रंग का कुर्ता पहने उद्धव ने कहा, "अगर कोई हिंदुत्व का गलत इस्तेमाल करके मंदिर को लूटता है, तो हिंदू उसे नहीं बख्शेंगे।"
उन्होंने "भाजपा मुक्त राम" का आह्वान करते हुए कहा कि भगवान राम सभी के हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि भगवान का दिखाया रास्ता त्यागने के बाद शिवसेना (उबाठा) प्रमुख को "आखिरकार राम याद आ ही गए।"
गडचिरौली में एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में फडणवीस ने कहा, "हमारी बस यही उम्मीद थी कि उन्हें राम याद रहें। उन्होंने राम का दिखाया रास्ता छोड़ दिया था। इसीलिए उनकी पार्टी का पतन हुआ। अगर वह राम के दिखाए रास्ते पर चलते हैं, तो उनके लिए अच्छा होगा। सिर्फ आज ही नहीं, मुझे उम्मीद है कि वह रोज 'राम रक्षा' का पाठ करेंगे।"
उद्धव के 2019 में भाजपा से अलग होने और कांग्रेस से हाथ मिलाने के बाद फडणवीस लगातार उन पर हिंदुत्व को त्यागने का आरोप लगाते रहे हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी 2022 में इसी आधार पर उद्धव के खिलाफ बगावत कर दी थी और पार्टी के कुछ विधायकों के साथ उनसे अलग हो गए थे।
उद्धव ने रैली में अपने संबोधन में आरोप लगाया, "पिछले 12 वर्षों से हमें लगा कि हमारी 'भगवा' सरकार सत्ता में है। अटल जी (भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी) ने कहा था कि अब हिंदुओं की पिटाई नहीं होगी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता में बैठे लोग ही हिंदुओं को लूट रहे हैं।"
शिवसेना (उबाठा) प्रमुख ने कहा कि किसी लुटेरे से उसी की ओर से की गई लूट की जांच करने के लिए नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि यह काम निष्पक्ष रूप से होना चाहिए, वरना हर किसी को "क्लीन चिट" दे दी जाएगी।
उद्धव ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती, वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने का आह्वान किया।
उद्धव ने कहा कि शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने हिंदुओं को जगाया था, लेकिन आज उन्हें "सम्मोहित" किया जा रहा है।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सात जून को सामने आया। मामले की पड़ताल के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई।
इस मामले में मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा और गिनती की प्रक्रिया में शामिल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उद्धव ने कहा, "पैसे शौचालयों में छिपाए जा रहे थे। यह उनका गंदा हिंदुत्व है। यह हिंदुत्व का अपमान है।"
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख ने 'अयोध्या तो झांकी है, काशी-मथुरा अभी बाकी हैं" के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि काशी और मथुरा में क्या होगा।
उन्होंने कहा, "हम सच्चे हिंदू हैं और अपने देश पर गर्व करते हैं। हम भले ही सीधे-सादे और भोले-भाले हों, लेकिन मूर्ख नहीं हैं। अब अगर मंदिर को लूटने के लिए हमारे हिंदुत्व का गलत इस्तेमाल किया गया, तो हिंदू आपको नहीं बख्शेंगे।"
उद्धव ने कहा कि जो लोग उनकी पार्टी पर आरोप लगाते हैं, वे "चोर रक्षक" हैं।
शिवसेना (उबाठा) प्रमुख ने भाजपा का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने सत्ता में आते समय 'जय श्री राम' और 'मंदिर वहीं बनाएंगे' जैसे नारे लगाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान शिवसैनिकों ने जैसा काम किया, वैसा किसी और पार्टी ने नहीं किया।
उद्धव ने कहा कि उत्तराखंड में ज्योतिर्मठ के प्रमुख अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाया है कि केदारनाथ मंदिर से कई किलोग्राम सोना चोरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी उज्जैन में जमीन से जुड़ी अनियमितताओं में शामिल होने के आरोप लगे हैं, जबकि बदरीनाथ मंदिर में भी चढ़ावे की चोरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
भाषा पारुल नरेश
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