ममता ने 'भाजपा समर्थित बागियों' पर तृणमूल में फूट डालने का आरोप लगाया
सुभाष
- 04 Jul 2026, 08:21 PM
- Updated: 08:21 PM
कोलकाता, चार जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद से भाजपा उनकी पार्टी में ''फूट डालने'' की साजिश रच रही है और उनके नेताओं का इस्तेमाल कर टीएमसी के भीतर ''असंतोष को हवा दे रही है।''
तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट को एक और झटका उस समय लगा, जब पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
इस बीच, ममता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर बागी नेताओं को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे परोक्ष रूप से पार्टी (टीएमसी) के खिलाफ काम करने के बजाय सीधे भाजपा में शामिल होकर उनका सामना करें।
उन्होंने कहा, ''मैं उन विश्वासघाती और एहसान फरामोश लोगों को चुनौती देती हूं, जो पार्टी छोड़ रहे हैं। अगर उनमें हिम्मत है तो सीधे भाजपा में शामिल होकर मेरा मुकाबला करें, बजाय इसके कि भाजपा के इशारे पर यह बेईमानी भरा खेल खेलें।''
ममता बनर्जी ने घोषणा की कि पार्टी की अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह तब तक तृणमूल की प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व भी निभाएंगी, जब तक कि वरिष्ठ नेता सुब्रत बख्शी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते हैं। बख्शी फिलहाल अस्वस्थ हैं।
ममता ने पार्टी नेताओं कुणाल घोष और मदन मित्रा को पार्टी का महासचिव नियुक्त करने की भी घोषणा की।
बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ''आप खुद को विद्रोही कहते हैं? चुनाव से पहले आपका विद्रोह कहां था? पिछले 15 वर्षों में, जब आप तृणमूल के टिकट पर सांसद और विधायक बने, मंत्री रहे और सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहे, तब आपका असंतोष कहां था? तब आप मेरे पास आकर अपने मतभेद क्यों नहीं रखते थे?''
ममता ने कहा कि इन ''कठिन परिस्थितियों'' में जो कार्यकर्ता पार्टी के प्रति वफादार बने हुए हैं, वही ''पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी'' हैं।
उन्होंने ''विश्वासघात करने वाले और अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर पार्टी छोड़ने वाले'' बागी नेताओं को सलाह दी कि ''वे कम-से-कम उन लोगों के साथ विश्वासघात न करें, जिन्होंने उन्हें वोट देकर जिताया था।''
भाषा गोला सुभाष
सुभाष
0407 2021 कोलकाता