केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने माकपा छोड़कर चुनाव में उतरे नेताओं पर साधा निशाना
पवनेश
- 20 Mar 2026, 04:13 PM
- Updated: 04:13 PM
(फाइल फोटो सहित)
तिरुवनंतपुरम, 20 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के तीन नेताओं के कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ने के फैसले पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि कुछ कार्यकर्ताओं के बीच चुनावी राजनीति की महत्वाकांक्षाओं के बढ़ने की प्रवृत्ति उभर कर सामने आई है।
विजयन ने कहा, "यह सच है कि कुछ नेताओं में एक असामान्य प्रवृत्ति उभर रही है। पहले हमारी पार्टी में ऐसी प्रवृत्तियां आम नहीं थीं। यह समय के साथ हुए बदलावों के कारण हो सकता है।"
उन्होंने जी सुधाकरन, वी कुन्हीकृष्णन और टी के गोविंदन जैसे नेताओं का जिक्र करते हुए यह बात कही, जो क्रमशः अंबलप्पुझा, पय्यानूर और तालिपारम्बा से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सुधाकरन और गोविंदन दोनों वरिष्ठ नेता हैं और ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए थीं। विजयन ने कहा, "उन्होंने अपनी लंबी राजनीतिक विरासत को बर्बाद कर दिया है। पार्टी को कमजोर करने के लिए प्रतिद्वंद्वियों के साथ हाथ मिलाना-हमारी राय में, विश्वासघात है।"
विजयन ने कहा कि सुधाकरन को कभी दरकिनार नहीं किया गया और वास्तव में वह पार्टी के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक थे।
उन्होंने बताया कि पार्टी ने अपने सम्मेलन में 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के नेताओं को पद से हटाने का निर्णय लिया था। विजयन ने कहा कि अलप्पुझा में पार्टी के कार्यक्रमों में आमंत्रित किए जाने के बावजूद सुधाकरन इस नियम को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में उनकी लोकप्रियता और छवि पार्टी को प्रभावित कर सकती है, तो विजयन ने कहा कि ऐसे फैसले चुनाव के बाद ही लिए जाते हैं। उन्होंने कहा, "माकपा मुख्यमंत्री का चयन चुनाव परिणामों के बाद ही करती है। अभी ऐसे सवाल उठते ही नहीं हैं।"
केरल में भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता पर विजयन ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पार्टी की जीत को एक वास्तविकता के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा, "हमें इसकी उम्मीद नहीं थी, लेकिन इसने हमें सतर्क कर दिया है और हम उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं।"
भाषा आशीष पवनेश
पवनेश
2003 1613 तिरुवनंतपुरम