भारत, इजराइल ने आतंकवाद का मुकाबला करने के अपने सामूहिक संकल्प को दोहराया
माधव
- 26 Feb 2026, 10:13 PM
- Updated: 10:13 PM
यरुशलम, 26 फरवरी (भाषा) भारत और इजराइल ने सीमा पार से होने वाले आतंकवाद सहित सभी तरह के आतंक की स्पष्ट और कड़ी निंदा की तथा इस खतरे का मुकाबला करने के अपने सामूहिक संकल्प को दोहराया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद से व्यापक और सतत तरीके से निपटने के लिए ''निर्णायक और समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयासों'' का आह्वान किया है।
इसमें कहा गया है, ''दोनों नेताओं ने सीमा पार से होने वाले आतंकवाद सहित सभी तरह के आतंक की स्पष्ट रूप से और कड़ी निंदा की।''
इस साझा चुनौती पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, दोनों नेताओं ने दो जीवंत और मजबूत लोकतंत्रों के नेताओं के रूप में, इस खतरे से निपटने के अपने सामूहिक संकल्प की पुष्टि की।
संयुक्त वक्तव्य के अनुसार, ''उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए जघन्य आतंकी हमले, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए बर्बर आतंकी हमले और 10 नवंबर 2025 को नयी दिल्ली में लाल किले के पास हुई आतंकी घटना की कड़ी निंदा की।''
इसमें यह भी कहा गया कि दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ''गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना'' का स्वागत किया।
उन्होंने शांति प्रक्रिया सहित क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की और संवाद एवं परस्पर समझ के माध्यम से क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति, सुरक्षा तथा नौवहन एवं व्यापार की स्वतंत्रता पर बल दिया।
मोदी, नेतन्याहू के निमंत्रण पर बुधवार को दो दिवसीय इजराइल यात्रा पर पहुंचे थे। नौ वर्षों में यह उनकी दूसरी इजराइल यात्रा है।
जुलाई 2017 में, प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल की पहली यात्रा के दौरान भारत-इजराइल संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचाया गया था।
संयुक्त वक्तव्य के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू और प्रधानमंत्री मोदी ने रणनीतिक साझेदारी को एक नये मुकाम – 'शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए एक विशेष रणनीतिक साझेदारी' के मुकाम पर ले जाने का निर्णय लिया।
भाषा सुभाष माधव
माधव
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