दिल्ली के तीन सरकारी अस्पतालों को एमपॉक्स मरीजों के लिए पृथक-वास कक्ष तैयार करने का निर्देश: अधिकारी
आशीष वैभव
- 20 Aug 2024, 10:42 PM
- Updated: 10:42 PM
नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) दिल्ली सरकार ने अपने तीन अस्पतालों को एमपॉक्स के संदिग्ध और पुष्ट मामलों के प्रबंधन के लिए पृथक-वास कमरे तैयार करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अब तक यहां इसका कोई मरीज नहीं पाया गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अफ्रीका के कई हिस्सों में एमपॉक्स के संक्रमण और प्रसार के मद्देनजर इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किया है।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘दिल्ली सरकार के तीन अस्पतालों एलएनजेपी, जीटीबी और बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल को बीमारी के संदिग्ध और पुष्ट मामलों के लिए पृथक-वास कमरे तैयार करने का निर्देश दिया गया है। एलएनजेपी को नोडल अस्पताल के रूप में नामित किया गया है, जबकि दो अन्य अस्पताल को तैयार रहने के लिए कहा गया है।’’
लोकनायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में मरीजों के लिए पृथक-वास के कुल 20 कमरे होंगे, जिनमें से 10 पुष्ट मामलों के लिए होंगे। गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल और बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल में ऐसे मरीजों के लिए 10-10 कमरे होंगे, जबकि संदिग्ध मरीजों के लिए पांच-पांच कमरे होंगे।
अधिकारी ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। हम पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं।’’
डब्ल्यूएचओ के पूर्व के एक बयान में कहा गया था कि 2022 से वैश्विक स्तर पर 116 देशों से एमपॉक्स के 99,176 मामले आए और इससे 208 मौत दर्ज की गईं। कांगो में एमपॉक्स के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
वर्ष 2022 से अब तक भारत में एमपॉक्स के 30 मामले सामने आए हैं। भारत में एमपॉक्स का आखिरी मामला मार्च 2024 में सामने आया था।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘हमने सभी चिकित्सा निदेशकों और अधीक्षकों के साथ एक बैठक बुलाई, जिसमें हमने वर्तमान स्थिति का उल्लेख किया और केंद्र सरकार की मानक संचालन प्रक्रियाओं को साझा किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य सचिव ने एमपॉक्स की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के अस्पतालों के चिकित्सा निदेशकों के साथ एक बैठक की। केंद्र सरकार और डब्ल्यूएचओ के नवीनतम दिशा-निर्देश साझा किए गए। एलएनजेपी को नोडल अस्पताल बनाया गया है और तीन अस्पतालों में पृथक-वास वार्ड समेत आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।’’
डब्ल्यूएचओ द्वारा 14 अगस्त 2024 को एमपॉक्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया गया।
भाषा आशीष