नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंग सिखों को नीचे उतारने की कोशिशें जारी : पुलिस
जोहेब
- 23 Jun 2026, 12:19 AM
- Updated: 12:19 AM
देहरादून, 22 जून (भाषा) उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू में स्थित गुरुद्वारे की छत पर डटे निहंग सिखों को समझा-बुझा कर नीचे उतारने की कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने कहा, "वार्ता के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। दो निहंग सिख छत से नीचे उतरकर प्रशासन एवं पुलिस के साथ बातचीत कर रहे हैं। शेष निहंग सिखों से भी संवाद जारी है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही कई जानकारियां भ्रामक एवं तथ्यहीन है और गुरुद्वारे पर किसी प्रकार का कोई कब्जा नहीं किया गया है और न ही किसी को बंधक बनाया गया है।
तोमर ने कहा कि शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन मौजूद है।
उन्होंने सेना बल की तैनाती की खबरों को भी पूर्ण रूप से असत्य बताया।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा शांतिपूर्वक जारी है और गुरुद्वारे के अंदर भी अरदास, लंगर तथा यात्रियों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई घटना के सिलसिले में गिरफ्तार निहंग सिखों को छोड़े जाने की मांग को लेकर छह से अधिक निहंग सिख 20 जून की शाम को बदरीनाथ राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग और गौचर के बीच स्थित नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए थे और छत पर पहुंचने के रास्ते को बंद कर दिया था।
कर्णप्रयाग बाजार में निहंग सिखों ने स्थानीय निवासियों से मामूली विवाद के दौरान उन्हें कथित रूप से तलवार से हमला करके घायल कर दिया था। घटना में एक निहंग सिख मनप्रीत सिंह भी घायल हुआ था। बाद में घटना के संबंध में सिंह समेत चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि निहंग गुरुद्वारे की छत पर से ही खाना और अन्य चीजें मंगा रहे हैं तथा इस दौरान पकड़े जाने से बचने के लिए बीच-बीच में पथराव भी कर रहे हैं।
गुरुद्वारे के संचालक सरदार बेअंत सिंह ने रविवार को दावा किया था कि निहंगों ने एक व्यक्ति को कुछ समय के लिए बंधक बनाया था, जिसे बाद में छोड़ दिया गया।
नगरासू में कुछ वर्ष पहले बने इस गुरुद्वारे का उपयोग हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने-जाने वाले सिख श्रद्धालु करते हैं।
इस बीच, कर्णप्रयाग पुलिस थाने में घायल निहंग सिख मनप्रीत सिंह के पिता की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है जबकि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दोनों मुकदमों की जांच चमोली जिले से हरिद्वार जिले में स्थानांतरित कर दी गयी है।
राज्य पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, विभिन्न सिख संगठनों द्वारा कर्णप्रयाग घटना के संबंध में पुलिस के व्यवहार और आचरण को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस उप महानिरीक्षक यशवंत सिंह को सौंपी गई है। उन्हें दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।
भाषा सं दीप्ति जोहेब
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