उत्तराखंड: भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय तक मार्च निकाला,विपक्षी दल के कार्यकर्ता भी सड़क पर उतरे
धीरज
- 22 Jul 2026, 10:35 PM
- Updated: 10:35 PM
(तस्वीरों के साथ)
देहरादून, 22 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को देहरादून में कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय तक मार्च निकाला।
भाजपा के कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के घेराव की जानकारी मिलने पर विपक्षी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जवाब में सड़क पर उतर आए। हालांकि, पुलिस ने भाजपा के मार्च को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से काफी पहले रोक दिया जिससे दोनों दलों के कार्यकर्ताओं का आमना-सामना नहीं हुआ।
उत्तराखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता पहले देहरादून महानगर कार्यालय में एकत्र हुए और वहां से गांधी और कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़े।
हालांकि, पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से पहले ही कनक चौक पर अवरोधक लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं को रोक लिया। काफी देर तक कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया और गांधी तथा कांग्रेस का पुतला फूंका।
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए भट्ट ने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा के सबसे बड़े मंच संसद में जनता के मुद्दे उठाने और उन पर सार्थक चर्चा करने की बजाय गांधी और विपक्षी दल हंगामा करने और युवाओं को भड़काने में लगे है, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है ।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित पुन: राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) के परिणाम भी आ चुके हैं और उसमें सफल रहे छात्रों की काउंसलिंग भी शुरू हो चुकी है।
भट्ट ने आरोप लगाया कि गांधी और कांग्रेस पूरे देश में अराजकता का माहौल बनाकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं और भाजपा कार्यकर्ता जनता के सामने उनकी साज़िशों और नकारत्मक राजनीति की पोल खोलेंगे।
दूसरी ओर, भाजपा के प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के घेराव की घोषणा के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर पार्टी नेता और कार्यकर्ता कार्यालय में पहुंच गए। वहां से पार्टी के झंडे और बैनर लेकर वे मुख्यालय से बाहर सड़क पर निकल आए और जमकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हालांकि, पुलिस ने उन्हें एस्ले हॉल से आगे नहीं बढ़ने दिया जिससे दोनों राजनीतिक दल आमने-सामने नहीं आ पाए।
भाषा दीप्ति धीरज
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