एआई-171 हादसे के पीड़ित परिवारों की मेमोरियल ट्रस्ट से और मदद की मांग
रमण
- 22 Jul 2026, 10:32 PM
- Updated: 10:32 PM
अहमदाबाद, 22 जुलाई (भाषा) ब्रिटेन में रहने वाले दो व्यक्तियों ने बुधवार को कहा कि वे एअर इंडिया की एआई-171 विमान दुर्घटना के पीड़ित परिवारों को दी जाने वाली घोषित सहायता के संबंध में स्पष्टीकरण चाहते थे, लेकिन कई बार प्रयास करने के बावजूद उन्हें 'एआई-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट' से कोई जवाब नहीं मिला।
इन दोनों व्यक्तियों की पत्नियों की एअर इंडिया की एआई-171 विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
हालांकि, एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि मुंबई स्थित ट्रस्ट पिछले दो सप्ताह से इन दोनों परिजनों के संपर्क में है और दुर्घटना में मारे गए 260 लोगों में से 238 मृतकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जा चुकी है।
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 12 जून, 2025 को लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एआई-171 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी।
इस दुर्घटना के बाद 'एआई-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट' का गठन किया गया था। ट्रस्ट ने प्रत्येक मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि तथा क्षतिग्रस्त बी.जे. मेडिकल कॉलेज छात्रावास के पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देने की घोषणा की थी।
ब्रिटेन में रहने वाले इन दोनों व्यक्तियों ने बताया कि वे बुधवार को ट्रस्ट के प्रतिनिधियों से मिलने की उम्मीद लेकर ब्रिटेन से अहमदाबाद पहुंचे, लेकिन उन्हें ट्रस्ट का कार्यालय बंद मिला और वे किसी अधिकारी से बात नहीं कर सके।
ब्रिटिश नागरिक 49 वर्षीय राकेश पटेल ने दुर्घटना में अपनी पत्नी दीप्ति पटेल (44) को खो दिया था। राकेश पटेल ने कहा कि वह अपने दो बच्चों की अकेले परवरिश करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं दो बच्चों का अकेला अभिभावक हूं। उनकी देखभाल के साथ-साथ आर्थिक रूप से सब कुछ संभालना बहुत मुश्किल हो गया है।"
राकेश की एक बेटी एक गंभीर चिकित्सीय समस्या से पीड़ित है, जबकि उनका 20 वर्षीय बेटा प्रथम, हंगरी में मेडिसीन की पढ़ाई कर रहा है।
उन्होंने कहा, "हमने एआई-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन हमारे फोन और ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला। इसलिए मैं ब्रिटेन से यहां आया ताकि उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर यह जान सकूं कि क्या मेरे परिवार के लिए अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है लेकिन जब हम यहां पहुंचे तो कार्यालय बंद मिला।"
राकेश ने रुपये और पाउंड के बीच विनिमय दर में उतार-चढ़ाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ट्यूबरस स्क्लेरोसिस कॉम्प्लेक्स नामक आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित है, जिसके कारण उसे ब्रिटेन में नियमित चिकित्सकीय जांच करानी पड़ती है।
पिनल पटेल (46) ने दुर्घटना में अपनी पत्नी को खो दिया था और उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट को कई ईमेल भेजने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद वह ब्रिटेन से अहमदाबाद पहुंचे, लेकिन यहां भी कार्यालय बंद मिला।
उन्होंने कहा, "मैं यह समझना चाहता था कि ट्रस्ट का उद्देश्य क्या है और वह हमारे जैसे परिवारों की किस तरह मदद करने की योजना बना रहा है।"
पिनल ने बताया कि अब वह अपने तीन बेटों—13 वर्षीय एक बेटे और नौ वर्ष के जुड़वां बेटों—की अकेले देखभाल कर रहे हैं।
इस संबंध में पूछे जाने पर एअर इंडिया के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि एआई-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट का मुख्यालय मुंबई में है।
प्रवक्ता ने बताया कि अब तक 260 मृतकों में से 238 के परिवारों को अनुग्रह राशि मिल चुकी है और शेष परिवार या तो आवश्यक दस्तावेज जमा कर चुके हैं या प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "अहमदाबाद में स्थापित हेल्पडेस्क केवल इसी उद्देश्य के लिए बनाया गया था। यह स्थायी सार्वजनिक कार्यालय नहीं है।''
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट सहायता के लिए संपर्क करने वाले परिवारों के संपर्क में है और उनके पत्राचार का समय पर जवाब दिया जा रहा है।"
भाषा अमित रमण
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