'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम के लिए तीन ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल
अजय
- 21 May 2026, 08:58 PM
- Updated: 08:58 PM
नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम पर अधिकार हासिल करने के लिए तीन अलग-अलग ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल किए गए हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड से यह जानकारी मिली है।
ये आवेदन ऐसे समय में दाखिल किए गए हैं जब एक व्यंग्य के रूप में शुरू किया गया राजनीतिक संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' सोशल मीडिया पर टिप्पणियों और डिजिटल मौजूदगी के कारण कुछ ही दिन में लाखों लोगों तक पहुंच बनाने और बड़ी संख्या में फॉलोअर्स जुटाने के कारण चर्चा में आया है।
हालांकि, संगठन के सोशल मीडिया मंच 'एक्स' के खाते को भारत में रोक दिया गया है।
ट्रेडमार्क पंजीकरण पोर्टल पर दाखिल आवेदनों में राजनीतिक और सामाजिक सेवाएं प्रदान करने की श्रेणी के तहत ट्रेडमार्क पंजीकरण की मांग की गई है।
अजीम आदमभाई जाम और अखंड स्वरूप नामक व्यक्तियों तथा 'कॉकरोच जनता पार्टी' को शुरू करने वाले की ओर इस नाम के लिए अलग-अलग आवेदन दाखिल किए गए हैं।
अजीम आदमभाई जाम और अखंड स्वरूप के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
ट्रेडमार्क पंजीकरण पोर्टल के अनुसार, दो आवेदनों की स्थिति 'फॉर्मैलिटीज चेक पास' दिखा रही है, जिसका अर्थ है कि इन आवेदनों ने ट्रेडमार्क कार्यालय द्वारा की जाने वाली प्रारंभिक तकनीकी जांच को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।
वहीं, तीसरे आवेदन की स्थिति 'सेंट टू वियना कोडिफिकेशन' (वियना संहिताकरण के लिए भेजा गया) दिखा रही है। इसका अर्थ है कि इसे वियना वर्गीकरण प्रणाली के तहत वर्गीकरण के लिए भेजा गया है। ऐसा आमतौर पर तब होता है जब ट्रेडमार्क में कोई लोगो, प्रतीक, छवि, आकार, डिजाइन या ग्राफिकल तत्व शामिल होता है।
यह तीसरा आवेदन 'कॉकरोच जनता पार्टी (लेबल मार्क)' के लिए किया गया है, जिसका मतलब है कि इसमें केवल नाम नहीं, बल्कि पूरा लोगो या डिजाइन भी शामिल है। जबकि अन्य दो आवेदन 'वर्ड मार्क' यानी केवल नाम 'कॉकरोच जनता पार्टी' के लिए दाखिल किए गए हैं। इनमें से पहला आवेदन 19 मई को और बाकी दो बृहस्पतिवार को दाखिल किए गए।
भारतीय ट्रेडमार्क कानून के तहत एक पंजीकृत ट्रेडमार्क को आवेदन दाखिल करने की तारीख से 10 वर्षों के लिए सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसके बाद, निर्धारित नवीनीकरण शुल्क का भुगतान करके इसे अगले 10-10 वर्षों की अवधि के लिए नवीनीकृत कराया जा सकता है।
इन आवेदनों पर टिप्पणी करते हुए कानूनी फर्म 'केएनालिसिस' के संस्थापक भागीदार निलांशु शेखर ने कहा कि ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल करने को अक्सर गलत समझा जाता है। बहुत से लोग मान लेते हैं कि नाम के लिए आवेदन करते ही वह नाम उनका हो जाता है।
शेखर ने कहा, "भारत में ऐसा नहीं होता है। आवेदन केवल पहला कदम है। यह मूल रूप से ट्रेडमार्क कार्यालय से एक अनुरोध है कि मुझे इस नाम पर अधिकार चाहिए। इसके बाद कार्यालय इस अनुरोध की जांच करता है, इसे सार्वजनिक करता है ताकि लोग इसे देख सकें और दूसरों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिल सके। इस पूरी प्रक्रिया के बाद, और केवल तभी जब कोई गंभीर आपत्ति न आए, कोई नाम वास्तव में पंजीकृत होता है।"
उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर एक से दो साल का समय लगता है और कई आवेदन अंतिम चरण तक नहीं पहुंच पाते हैं।
शेखर ने कहा, "यह एक कमजोर कड़ी है, क्योंकि भारतीय कानून इस बात को बहुत महत्व देता है कि वास्तव में पहले उस नाम का उपयोग किसने किया और जनता पहले से उसे किससे जोड़कर देखती है। केवल पहले आवेदन कर देना ही पर्याप्त नहीं है।"
'कॉकरोच जनता पार्टी' के 'एक्स' खाते को भारत में रोक दिए जाने के तुरंत बाद 'कॉकरोच इज बैक' नाम से एक और हैंडल सामने आया, जिसकी टैगलाइन है 'कॉकरोच मरते नहीं हैं'।
संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, "इस बात की उम्मीद पहले से थी, क्योंकि कल से हमारे अकाउंट को हैक करने की कोशिशें चल रही थीं। लेकिन सरकार का दांव उलटा पड़ गया है।"
भाषा योगेश अजय
अजय
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