जबलपुर नौका हादसा : तेज तूफान से उठी ऊंची लहरें बनीं वजह, 11 शव बरामद, जांच के आदेश
सं, दिमो रवि कांत
- 02 May 2026, 09:38 PM
- Updated: 09:38 PM
(लेमुएल लाल)
भोपाल, दो मई (भाषा) मध्यप्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने शनिवार को कहा कि जबलपुर में हुई क्रूज नाव दुर्घटना तेज तूफान के कारण उठी ऊंची लहरों की वजह से हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2006 में बनी क्रूज नाव "कैटामरैन" इस तरह डिजाइन की गयी थी कि उसके डूबने की संभावना बेहद कम थी।
राज्य पर्यटन विभाग द्वारा संचालित यह नाव बृहस्पतिवार शाम नर्मदा नदी पर स्थित बरगी बांध में आए तूफान के दौरान पलट गई थी। पुलिस के अनुसार हादसे में अब तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो लोग अब भी लापता हैं। नाव में सवार 41 यात्रियों में से 28 को बचा लिया गया।
लोधी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, "यह वर्ष 2006 मॉडल का कैटामरैन (विशेष डिजाइन की याट) था। इसे इस प्रकार बनाया गया था कि यह आसानी से नहीं डूबे। इसके डूबने की आशंका नगण्य थी। दो दिन पहले आए तेज तूफान के कारण यह हादसा हुआ।"
संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री ने बताया कि तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण पानी नाव में घुस गया, जिससे यह पलट गई।
नाव की अनिवार्य फिटनेस जांच या उसमें किसी तरह की खराबी के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है।
उन्होंने कहा, "जांच दल एक माह में अपनी रिपोर्ट देगा। यदि फिटनेस जांच नहीं कराई गई होगी तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
लोधी ने बताया कि मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटीसी) द्वारा संचालित सात से आठ नावों को जांच के लिए फिलहाल रोका गया है।
राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने इस तरह की नौकाओं के संचालन पर अस्थायी रोक लगाते हुए सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इससे एक दिन पहले एमपीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय मल्होत्रा ने कहा था कि वह यह पता लगाएंगे कि दुर्घटनाग्रस्त नाव की आखिरी बार फिटनेस जांच कब हुई थी। मल्होत्रा का जबलपुर से भोपाल तबादला किया गया है।
मल्होत्रा ने बताया था कि इस प्रकार की नौकाओं की हर दो वर्ष में जांच होती है और नाव चालक को नियमों के अनुसार प्रशिक्षित किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि घटना वाले दिन 'ऑरेंज अलर्ट' नहीं बल्कि 'येलो अलर्ट' जारी था।
हालांकि, नाव की अंतिम फिटनेस जांच के बारे में जानकारी के लिए उनसे संपर्क करने के प्रयास सफल नहीं हो सके।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज हवाओं के कारण नदी का पानी उफान पर आ गया था, जिससे यात्रियों में घबराहट फैल गई और उन्होंने चालक दल से नाव को किनारे की ओर ले जाने की मांग की। एक जीवित बचे व्यक्ति ने चालक दल की लापरवाही का आरोप लगाया और बताया कि जीवन रक्षक जैकेट के लिए अंतिम समय में अफरा-तफरी मच गई थी।
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सं, दिमो रवि कांत
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