न्यायालय ने इलाहाबादिया को राहत दी, अभद्र टिप्पणी के लिए फटकार लगाई
वैभव माधव
- 18 Feb 2025, 08:38 PM
- Updated: 08:38 PM
नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने एक यूट्यूब कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में रणवीर इलाहाबादिया को मंगलवार को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया और कार्यक्रम को ‘अश्लील’ करार देते हुए कहा कि उनकी ‘विकृत मानसिकता’ से समाज को शर्मिंदा होना पड़ा।
हास्य कलाकार समय रैना के यूट्यूब कार्यक्रम ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’’ में माता-पिता और यौन संबंध को लेकर टिप्पणी करने के लिए ‘बीयरबाइसेप्स’ के नाम से मशहूर इलाहाबादिया के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ‘‘आप हमें बताइए कि क्या धरती पर कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे इस तरह के शब्द पसंद हों। आप माता-पिता का अपमान कर रहे हैं... हम इस बारे में और कुछ नहीं कहना चाहते लेकिन उनके दिमाग में कुछ बहुत गंदा है जो इस तरह के कार्यक्रम में उगल दिया है। अदालत को ऐसे व्यक्ति की बात क्यों सुननी चाहिए? आप हमें बताइए।’’
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने इलाहाबादिया का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव चंद्रचूड़ से कहा, ‘‘आपने जो शब्द चुने हैं, उनसे माता-पिता शर्मिंदा होंगे, बेटियां-बहनें शर्मिंदा होंगी, आपका छोटा भाई शर्मिंदा होगा, पूरा समाज शर्मिंदा होगा।’’
अंतरित राहत प्रदान करते हुए पीठ ने इलाहाबादिया और उनके सहयोगियों के अगले आदेश तक ऐसे किसी शो का प्रसारण करने से रोक दिया और कहा, ‘‘अभी के लिए इस शो को रोक दीजिए।’’
पीठ ने कहा, ‘‘हम जानना चाहते हैं कि अगर इस देश में यह अश्लीलता नहीं है तो अश्लीलता का मानदंड क्या है?’’
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि इलाहाबादिया को शो में अपनी भाषा से अपने माता-पिता को हुई शर्मिंदगी को लेकर शर्म आनी चाहिए।
चंद्रचूड़ ने कहा कि निजी तौर पर वह याचिकाकर्ता की टिप्पणी से आहत हैं लेकिन क्या इसमें आपराधिक मुकदमा चल सकता है।
पीठ ने कहा, ‘‘आपराधिक कार्यवाही या मुकदमे के लिए क्या स्तर होना चाहिए? आपके हिसाब से कौन से शब्द हैं जिन पर आपराधिक मुकदमा चलना चाहिए।’’
अदालत ने कहा, ‘‘समाज के कुछ स्व-विकसित मूल्य हैं जहां आप जिम्मेदार नागरिक के रूप में उन मानदंडों में व्यवहार करते हैं।’’
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ‘‘वो कौन से मानदंड और मूल्य हैं? हम याचिकाकर्ता और उनके साथ रहे अन्य कलाकारों से यह जानना चाहेंगे। उनके मुताबिक भारतीय समाज के लिए वो कौन से मानदंड हैं?’’
हालांकि, पीठ ने ‘इन्फ्लूएंसर’ का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव चंद्रचूड़ की दलीलों से सहमति जताई कि उन्हें किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण प्रदान किया जाना चाहिए। अधिवक्ता ने कहा कि इसके अलावा उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं।
पीठ ने निर्देश दिया कि यूट्यूब कार्यक्रम ‘‘इंडिया’ज गॉट लैटेंट’’ के दौरान उनकी टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ कोई और प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी।
इसके अलावा, शीर्ष अदालत ने विवादास्पद यूट्यूब कार्यक्रम पर इलाहाबादिया और उनके सहयोगी अन्य सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर’ को अगले आदेश तक कार्यक्रम की कोई भी अन्य कड़ी प्रसारित करने से रोक दिया।
पीठ ने इलाहाबादिया को अपना पासपोर्ट ठाणे के पुलिस थाने में जमा करने का निर्देश देते हुए कहा कि वह अदालत की पूर्व अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जाएंगे।
पीठ ने रणवीर इलाहाबादिया को उनकी कथित अशोभनीय टिप्पणियों को लेकर महाराष्ट्र, असम में दर्ज प्राथमिकी की जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया।
चंद्रचूड़ ने इलाहाबादिया के जीवन के अधिकार का उल्लेख करते किया और कहा कि उनके खिलाफ एक ही कृत्य के लिए कई स्थानों पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
पीठ ने कहा, ‘‘समाज के मूल्य क्या हैं, ये मानक क्या हैं, क्या आपको पता है? अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी को भी समाज के मानदंडों के खिलाफ कुछ भी बोलने की छूट नहीं है।’’
मुंबई और गुवाहाटी में दर्ज प्राथमिकी में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से इलाहाबादिया को संरक्षण प्रदान करने के अलावा पीठ ने इलाहाबादिया के खिलाफ कई प्राथमिकी को एक साथ नत्थी करने और उन्हें रद्द करने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र, महाराष्ट्र और असम सरकारों से जवाब मांगा।
असम पुलिस की एक टीम अब हटाए जा चुके यूट्यूब कार्यक्रम को लेकर पूर्वोत्तर राज्य में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रैना को समन जारी करने के लिए पुणे में थी। रैना का पुणे के बालेवाड़ी में एक मकान है।
सार्वजनिक रूप से सुलभ ऑनलाइन कार्यक्रम में अश्लीलता को बढ़ावा देने के आरोप में राज्य के एक निवासी ने इस संबंध में सोमवार को गुवाहाटी में मामला दर्ज कराया था।
इलाहाबादिया और रैना के अलावा असम में दर्ज मामले में नामित अन्य लोगों में आशीष चंचलानी, जसप्रीत सिंह और अपूर्व मखीजा शामिल हैं।
इससे पहले, मुंबई पुलिस ने इलाहाबादिया को मुंबई के खार थाने में मौजूद रहने के लिए कहा था। यूट्यूबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में भी पुलिस शिकायत का सामना करना पड़ रहा है।
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और हास्य कार्यक्रम की सभी 18 कड़ियों को हटाने का अनुरोध किया है।
भाषा वैभव