उप्र के आबकारी विभाग में "एक बूंद भी भ्रष्टाचार नहीं" हुआ : मंत्री
अरुणव सलीम नोमान
- 18 Feb 2025, 08:35 PM
- Updated: 08:35 PM
लखनऊ, 18 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने मंगलवार को दावा किया कि साल 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से आबकारी विभाग में "एक बूंद भी भ्रष्टाचार नहीं" हुआ है।
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी के चुनाव अभियान के लिए धन जुटाने के वास्ते शराब माफिया के अनुसार आबकारी नीति बनाई।
उन्होंने मंगलवार को 'पीटीआई-भाषा' से कहा, "आबकारी विभाग के मंत्री के तौर पर मुझे तीन साल हो गए हैं। जब से मुझे इस विभाग का प्रभार मिला है, तब से इस विभाग में पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया जा रहा है। आबकारी नीति पूरी पारदर्शिता के साथ बनाई गई है और सभी को समान अवसर दिए गए हैं। पिछली सरकारों में नीतियां कार्टेल (गठजोड़) के हिसाब से बनती थीं। हमने उप्र में 95 फीसदी कार्टेल खत्म कर दिए हैं।"
उन्होंने कहा, "साल 2017 से हमारी सरकार के कार्यकाल में आबकारी विभाग में एक बूंद भी भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में हमने शराब माफिया के कार्टेल को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।"
अग्रवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाजपा की हालिया चुनावी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति को दिया।
उन्होंने ‘आप’ प्रमुख पर हमला करते हुए आरोप लगाया कहा, "अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी से यह उम्मीद नहीं थी कि उनकी सरकार बनने के बाद, वे शराब माफिया को विभाग लगभग सौंप देंगे, या नीति में बदलाव उन माफियाओं के अनुकूल किए जाएंगे।”
अग्रवाल ने कहा, “आपने देखा होगा कि कुछ कार्टेल को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने अपने राज्य की आबकारी नीति बनाई... और उन लोगों को अपने किसी भी ब्रांड को किसी भी कीमत पर बेचने की खुली छूट दी गई, जो पूरी तरह से गलत था, और कोई भी सरकार ऐसा नहीं कर सकती।"
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में ‘आप’ के चुनाव अभियान का वित्तपोषण करने के लिए शराब माफिया के अनुसार दिल्ली की आबकारी नीति बनाई।
विभाग द्वारा अर्जित राजस्व के बारे में पूछे जाने पर आबकारी मंत्री ने कहा, "जब मुझे विभाग मिला, तो वित्तीय वर्ष 2021-2022 में आबकारी विभाग का राजस्व 36,000 करोड़ रुपये था।"
उन्होंने कहा, "वित्त वर्ष 2022-2023 में हमारा राजस्व बढ़कर 41,600 करोड़ रुपये हो गया। फिर अगले वित्तीय वर्ष में राजस्व बढ़कर 45,500 करोड़ रुपये हो गया। मुझे वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 51,000 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद है। अगले वित्तीय वर्ष (2025-2026) के लिए आबकारी विभाग का राजस्व 58,000 करोड़ रुपये से 60,000 करोड़ रुपये के बीच रहने की संभावना है।"
अग्रवाल ने कहा, "आबकारी राजस्व के मामले में हम साल-दर-साल आधार पर 11 प्रतिशत से 12 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे हैं।"
भाषा अरुणव सलीम