एटीएफ, वाणिज्यिक एलपीजी सस्ते; नायरा एनर्जी ने पेट्रोल-डीजल की कीमत घटाई
रंजन
- 01 Jul 2026, 02:15 PM
- Updated: 02:15 PM
(तस्वीर के साथ)
(संबंधित कॉपी जोड़ते हुए)
नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच विमान ईंधन (एटीएफ) और वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में बुधवार को कटौती की गई। वहीं, निजी ईंधन खुदरा कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए, जो दो साल से अधिक समय में उसकी पहली कटौती है।
उद्योग सूत्रों ने बताया कि एटीएफ की कीमतों में पांच रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत घटकर लगभग 110 रुपये प्रति लीटर रह गई। हालिया पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कीमतों में आई तेजी के बाद यह पहली कटौती है।
तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने भी वाणिज्यिक एलपीजी के दाम 183.50 रुपये प्रति 19 किलोग्राम सिलेंडर घटा दिए। यह इस वर्ष की पहली कटौती है।
वाणिज्यिक एलपीजी की नई कीमत अब 2,930 रुपये प्रति सिलेंडर होगी जबकि पिछले महीने यह बढ़कर 3,113 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जब भू-राजनीतिक तनावों के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई थीं।
इसके साथ ही पांच किलोग्राम वाले मार्केट प्राइस/फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर की कीमत भी 13 रुपये घटाकर 808.50 रुपये कर दी गई।
घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया और यह 942 रुपये पर बनी रही।
सरकार ने पिछले महीने एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण योजना शुरू की थी, जिसके तहत भाग लेने वाली विमानन कंपनियां 115 रुपये प्रति लीटर की निश्चित दर पर विमान ईंधन खरीद सकती हैं। इस योजना में शामिल नहीं होने वाली विमानन कंपनियां मौजूदा बाजार दरों पर ही ईंधन खरीदेंगी।
इस व्यवस्था के तहत यदि बेंचमार्क एटीएफ कीमतें 86.32 रुपये प्रति लीटर के आधार मूल्य से ऊपर जाती हैं, तो सरकार तेल विपणन कंपनियों को अंतर की भरपाई के लिए ब्याज-मुक्त अग्रिम देगी। जब कीमतें आधार से नीचे होंगी, तो अतिरिक्त राशि वसूली कर समेकित निधि में जमा की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी विमानन कंपनियां इस योजना में शामिल हुई हैं।
उद्योग सूत्रों के अनुसार 110 रुपये प्रति लीटर एटीएफ कीमत घरेलू विमानन कंपनियों के लिए है।
राज्य के तेल खुदरा विक्रेता हर महीने की पहली तारीख को पिछले महीने के औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी मुद्रा दरों के आधार पर एटीएफ और वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में संशोधन करते हैं।
इस बीच, नायरा एनर्जी ने अपने 7,000 से अधिक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कीमत पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत तीन रुपये प्रति लीटर घटा दी है।
यह कदम वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद आया है, क्योंकि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और एक प्रमुख समुद्री मार्ग के फिर से खुलने से आपूर्ति बाधाओं की चिंताएं घट गई हैं।
नयारा ने इससे पहले संघर्ष के दौरान कीमतें बढ़ाई थीं। उसने 26 मार्च को पेट्रोल पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल तीन रुपये प्रति लीटर महंगा किया था।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) का देश के 90 प्रतिशत से अधिक ईंधन बाजार पर नियंत्रण हैं। इन्होंने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया।
दिल्ली में आईओसी पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बेच रही है।
यह कटौती प्रभावी रूप से नयारा की पिछली वृद्धि को उलट देती है और दो साल से अधिक समय में किसी भी खुदरा कंपनी द्वारा पहली कटौती है।
सूत्रों ने बताया कि गुजरात के वडिनार में नयारा की दो करोड़ टन प्रति वर्ष क्षमता वाली रिफाइनरी पूरी क्षमता पर काम कर रही है और हाल ही में रखरखाव के बाद उत्पादन सामान्य हो गया है।
भाषा निहारिका रंजन
रंजन
0107 1415 दिल्ली