लोगों को जागरूक करना हमारी लड़ाई: इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर की रैली पर खरगे
IANS
- 29 Oct 2026, 02:51 PM
- Updated: 02:51 PM
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाला विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का बड़ा विरोध प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार होगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने कथित निरंकुश शासन के खिलाफ लोगों को ‘जगाने’ की जिम्मेदारी उठाई है। खरगे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कई व्यापारिक संगठनों ने राहुल गांधी से विपक्ष की ‘चलो दिल्ली मार्च’ की तारीख बदलने का अनुरोध किया है। कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन यह मार्च चुनाव आयोग की ओर से कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में कथित वोट चोरी और अनियमितताओं के विरोध में आयोजित कर रहा है।
खरगे ने पत्रकारों से कहा, “वोट चोरी और चुनाव आयोग में ज्ञानेश कुमार की ओर से की गई गड़बड़ियों के खिलाफ हमारा विरोध जारी है। हम इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। सभी दल हमारा समर्थन कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सरकार के कथित गलत कामों और कई मतदाताओं को उनके वैध अधिकारों से वंचित करने के प्रयासों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए है।
उन्होंने कहा, “कल भी एक मॉक संसद आयोजित की जाएगी और 1 नवंबर को हम यह प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें देशभर से लोग जुटेंगे। हम लड़ाई जारी रखेंगे, क्योंकि लोकतंत्र में जब तक संघर्ष नहीं किया जाता, तब तक लोग जागरूक नहीं होते। इसी वजह से हम यह सब कर रहे हैं।”
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली के व्यापारियों ने पिछले कुछ दिनों में इतने बड़े प्रदर्शन से त्योहारी सीजन के दौरान कारोबार पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने मार्च स्थगित करने की अपील करते हुए कहा कि इससे कारोबारी माहौल बिगड़ सकता है और उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
इससे पहले गुरुवार सुबह लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोगों से दिल्ली के रामलीला मैदान में विरोध मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने इसे “लोकतंत्र बचाने, कथित वोट चोरी रोकने और संविधान की रक्षा करने का आंदोलन” बताया।
राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर हिंदी में जारी वीडियो संदेश में कहा कि यह मार्च किसी खास राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की रक्षा के लिए है। कांग्रेस सांसद ने विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े छात्र संगठनों से भी आगे आकर इसमें भाग लेने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति खतरे में हैं।