शिवकुमार ने कर्नाटक विधानसभा की चौखट पर सिर झुकाकर लोकतांत्रिक संस्था के प्रति सम्मान प्रकट किया
पवनेश
- 13 Aug 2026, 03:59 PM
- Updated: 03:59 PM
बेंगलुरु, 13 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद बृहस्पतिवार को पहली बार राज्य विधानसभा में प्रवेश करते समय सदन की चौखट पर सिर झुकाकर लोकतांत्रिक संस्था के प्रति सम्मान प्रकट किया। उन्होंने साथ ही मुख्यमंत्री की कुर्सी को प्रणाम किया।
कर्नाटक विधानमंडल का मानसून सत्र यहां विधान सौध में शुरू हुआ। मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवकुमार के लिए विधानसभा का यह पहला सत्र है।
शिवकुमार ने एक तस्वीर साझा करते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''करोड़ों कन्नड़वासियों के आशीर्वाद से, लोकतंत्र के आदर्शों को नमन करते हुए मैंने मुख्यमंत्री के रूप में सदन में अपना पहला कदम रखा।''
दिन की कार्यवाही की शुरुआत में शिवकुमार विपक्ष के सदस्यों के पास गए और सदन में विपक्ष के नेता आर. अशोक तथा उपनेता अरविंद बेल्लद का अभिवादन किया।
सिद्धरमैया के 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद, शिवकुमार ने तीन जून को 13 मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
उन्होंने तीन अगस्त को 19 मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल कर इसका विस्तार किया, जिससे मंत्रिमंडल में सदस्यों की कुल संख्या 33 सदस्य हो गई। एक पद अभी भी रिक्त है।
कर्नाटक विधानमंडल का मानसून सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। विपक्ष सूखे से निपटने और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे समेत कई मुद्दों पर कांग्रेस सरकार को घेर सकता है।
सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़े जाने का मुद्दा, बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी के निकट प्रस्तावित 'ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप' (जीबीआईटी) परियोजना के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण और नागेंद्र के इस्तीफे की मांग जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष सदन में हंगामा कर सकता है।
विधान सौध में 27 अगस्त को समाप्त होने वाले 10 दिवसीय सत्र में कर्नाटक विधानसभा के नये अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तथा विधान परिषद के नये सभापति और उपसभापति का भी चुनाव होगा। विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति के लिए चुनाव 14 अगस्त को होगा।
सदन में बृहस्पतिवार को एक शोक प्रस्ताव के दौरान विधानसभा के सदस्य एवं मंत्री डी. सुधाकर को श्रद्धांजलि दी गई। उनका हाल में निधन हो गया था।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश
1308 1559 बेंगलुरु