अधिक निर्यातकों को मिल रहा व्यापार समझौतों का लाभ : सरकार
सुभाष
- 07 Aug 2026, 07:09 PM
- Updated: 07:09 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को संसद को बताया कि मुफ्त व्यापार समझौते (एफटीए) का लाभ उठाने के लिए उत्पादन प्रमाण पत्र (सीओओ) जारी किए जाने की संख्या वित्त वर्ष 2026-27 में 7.8 लाख से अधिक हो गई है जो 2021-22 में 3.6 लाख थी।
वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े भारत के व्यापार समझौतों के बढ़ते उपयोग और निर्यातकों के लिए विस्तारित बाजार के अवसरों को दर्शाते हैं।
निर्यातक को आयातक देश के बंदरगाह पर यह प्रमाण पत्र जमा करना होता है।
मुक्त व्यापार समझौतों के तहत शुल्क रियायतें का दावा करने के लिए यह दस्तावेज महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यह साबित होता है कि उत्पाद कहां से आया है।
उन्होंने कहा, ''भारत द्वारा जारी सीओओ वित्त वर्ष 2021-22 के 3.6 लाख से बढ़कर 2026-27 में 7.8 लाख से अधिक हो गया है, जो भारत के व्यापार समझौतों के बढ़ते उपयोग और भारतीय निर्यातकों के लिए विस्तारित बाजार पहुंच के अवसरों को दर्शाता है।''
उन्होंने बताया कि अप्रैल-जून 2025-26 में भारत का वाणिज्यिक निर्यात 111.57 अरब अमेरिकी डॉलर था जो अप्रैल-जून 2026-27 में 16 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ 129.32 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
मंत्री ने बताया कि इस अवधि के दौरान भारत के एफटीए साझेदार देशों को वाणिज्यिक निर्यात 34.65 अरब अमेरिकी डॉलर से 25 प्रतिशत बढ़कर 43.14 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
भारत ने संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, ईएफटीए संगठन, ओमान और ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौते किए हैं।
उन्होंने एक अन्य लिखित उत्तर में कहा कि एफटीए-वार व्यापार विश्लेषण से संकेत मिलता है कि भारत का निर्यात कई एफटीए साझेदार देशों में बढ़ा है, जिससे बेहतर बाजार पहुंच और बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धात्मकता झलकती है, विशेष रूप से श्रम-प्रधान और उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों जैसे कपड़ा और परिधान, फार्मा, कृषि और संबद्ध उत्पाद, कार्बनिक रसायन और इलेक्ट्रॉनिक्स में।
मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 112.16 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो 2021-22 में 73.31 अरब अमेरिकी डॉलर था।
भाषा अविनाश सुभाष
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