तकसिंग क्षेत्र में चीनी घुसपैठ के दावों की सरकार करेगी जांच: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री खांडू
वैभव
- 07 Aug 2026, 02:29 PM
- Updated: 02:29 PM
ईटानगर, सात अगस्त (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार ऊपरी सुबनसिरी जिले के तकसिंग क्षेत्र में कथित चीनी घुसपैठ की खबरों का सत्यापन भारतीय सेना और स्थानीय लोगों के साथ करेगा तथा उसके बाद ही कोई निष्कर्ष निकालेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बिना तथ्यात्मक पुष्टि के, ऐसी खबरों पर विश्वास नहीं करते।
खांडू ने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ''मैंने नाह वेलफेयर सोसाइटी (एनडब्ल्यूएस) के सदस्यों को बुलाया है और व्यक्तिगत रूप से मामले का सत्यापन करूंगा। मैं भारतीय सेना से भी बात करूंगा और इसका सत्यापन करूंगा।''
सीमा पर सेना की तैनाती पर भरोसा जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र बल देश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आगे कोई टिप्पणी करने से पहले सरकार पूरे तथ्यों का पता लगाएगी।
मुख्यमंत्री का बयान स्थानीय संगठन नाह वेलफेयर सोसाइटी के उन आरोपों के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया है कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवान वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास तकसिंग क्षेत्र के याजा और टोगो गांवों के आसपास के इलाकों में दाखिल हुए थे।
एनडब्ल्यूएस के अध्यक्ष केरू चाडर ने दावा किया कि चीनी सैनिक ''लगभग हमारे दरवाजे तक'' पहुंच गए और ओलो जलधारा के रास्ते गांवों के 15-16 किलोमीटर दूर तक आ गए।
हालांकि, इस क्षेत्र में किसी नयी चीनी घुसपैठ को लेकर भारतीय सेना या केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ये आरोप इस साल जून से नाह वेलफेयर सोसाइटी की ओर से किए जा रहे दावों की शृंखला का हिस्सा हैं।
जून में संगठन ने ऊपरी सुबनसिरी जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया था कि पीएलए ने तकसिंग के आसपास कई रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। इनमें असाफिला क्षेत्र का ओयिंग, पनियार, मारपन, पोर्ट्रांग और टिंगडिंगटांग इलाके शामिल हैं। संगठन ने वहां सैन्य ढांचा स्थापित किए जाने का भी दावा किया था।
इसके बाद भारतीय सेना ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ये दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और किसी नई चीनी घुसपैठ के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।
अरुणाचल प्रदेश सरकार ने भी लोगों से अपुष्ट सूचनाएं नहीं फैलाने की अपील की है और कहा है कि सुरक्षा एजेंसियां सीमा की स्थिति पर करीबी नजर रख रही हैं।
चीन से लगती सीमा के पास स्थित ऊपरी सुबनसिरी जिले का तकसिंग क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश के सबसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में से एक है।
भाषा मनीषा वैभव
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