कोच्चि आ रहे विमान का आपातकालीन निकास खोलने का प्रयास करने के आरोप में यात्री गिरफ्तार
पवनेश
- 06 Aug 2026, 06:49 PM
- Updated: 06:49 PM
कोच्चि, छह अगस्त (भाषा) कुआलालंपुर से कोच्चि आ रहे एक विमान का आपातकालीन निकास खोलने का कथित प्रयास करने और सह-यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को धमकी देने के आरोप में एक यात्री को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि यात्री पर आपातकालीन निकास की खिड़की को क्षतिग्रस्त करने का भी आरोप है।
उसने बताया कि आरोपी की पहचान जमशीर अथानिक्कल के रूप में हुई है। वह बुधवार को कुआलालंपुर से कोच्चि आ रही बैटिक एयर की उड़ान संख्या ओडी231 में सवार था।
प्राथमिकी के अनुसार, घटना विमान के हवा में होने के दौरान रात साढ़े नौ बजे से 11 बजकर पांच मिनट के बीच हुई।
इसमें आरोप लगाया गया है कि यात्री ने विमान के आपातकालीन निकास को जबरन खोलने का प्रयास किया, उसकी खिड़की को नुकसान पहुंचाया और सह-यात्रियों को धमकाया।
पुलिस ने बताया कि चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप कर यात्री को काबू में कर लिया।
उसने बताया कि कोच्चि में बैटिक एयर के सुरक्षा प्रभारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और बृहस्पतिवार तड़के उड़ान के पहुंचने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आपराधिक धमकी के लिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3), सुरक्षा निर्देशों के उल्लंघन के लिए विमान अधिनियम की धारा 11ए और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों के लिए केरल पुलिस अधिनियम की धारा 118(ई) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है।
कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (सीआईएएल) के अनुसार, उड़ान के बृहस्पतिवार तड़के करीब दो बजकर 40 मिनट पर कोच्चि पहुंचने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने आरोपी यात्री को हिरासत में लिया और बाद में उसे नेदुंबस्सेरी पुलिस थाने को सौंप दिया।
सीआईएएल के बयान के अनुसार, जमशीर पलक्कड़ जिले के कूट्टनाड का रहने वाला है। आरोप है कि उसने उड़ान के दौरान विमान की एक खिड़की को नुकसान पहुंचाया, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया।
सीआईएएल ने बताया कि विमानन कंपनी ने लागू नियमों के अनुसार आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू कर दी थीं।
बयान के अनुसार, "आवश्यक निरीक्षण और मरम्मत के बाद विमान को परिचालन के लिए मंजूरी दे दी गई और वह वापस रवाना हो गया।"
भाषा
प्रचेता पवनेश
पवनेश
0608 1849 कोच्चि