वडोदरा पुलिस ने शिशु तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, सात गिरफ्तार
प्रशांत
- 01 Aug 2026, 09:21 PM
- Updated: 09:21 PM
वडोदरा, एक अगस्त (भाषा) गुजरात के वडोदरा शहर की अपराध शाखा ने शिशु तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कर एक नवजात को बचाया और इस सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि शिशु को कथित तौर पर तीन लाख रुपये में बेचने के लिए मुंबई ले जाया जा रहा था।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार एक गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने 28 जुलाई को एक व्यक्ति और उसकी पत्नी को रोका, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर एक बस से यात्रा कर रहे थे। उनके साथ लगभग तीन सप्ताह का एक शिशु था।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुलिस ने इस दंपति की पहचान मनोज रावल (38) और उसकी पत्नी वीना रावल (32) के रूप में की है। दोनों पाटन जिले के चटावड़ा गांव के निवासी हैं।
इसमें कहा गया है कि जब इस दंपति को राजमार्ग पर एक होटल के निकट रोका गया, तब उनके साथ उनका आठ वर्षीय बेटा भी था।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि क्योंकि वे शिशु के संबंध में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके, इसलिए बच्चे को चिकित्सकीय देखभाल के लिए (वडोदरा के) एसएसजी अस्पताल ले जाया गया।
दंपति ने दावा किया कि शिशु उन्हें वीना के भाई सुनील रावल ने सौंपा था। आरोप है कि सुनील रावल ने उनसे कहा था कि वे बच्चे को मुंबई में एक व्यक्ति को सौप दें, जिसके बदले उन्हें 20,000 रुपये दिए जाएंगे।
पुलिस के अनुसार नवजात शिशु के माता-पिता साबरकांठा जिले के निवासी हैं और उन्हें कथित तौर पर बच्चे के बदले दो लाख रुपये देने का वादा किया गया था, जबकि एक अन्य आरोपी नगिन भगोरा को कमीशन के रूप में 10,000 रुपये मिलने थे।
पुलिस ने बताया कि यह बच्चा लक्ष्मण का बेटा है, जिसने कथित तौर पर उसे अपने रिश्तेदार श्रवण परमार को सौंप दिया था। श्रवण परमार ने आगे शिशु को नगिन को सौंप दिया।
इसने बताया कि शिशु को मुंबई में तीन लाख रुपये में बेचा जाना था।
पुलिस ने बताया कि अपराध शाखा ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस उपायुक्त हिमांशु कुमार वर्मा ने कहा, ''इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मनोज, वीना, दलपत रावल, सुनील रावल, नगिन, श्रवण परमार और लक्ष्मण के रूप में की गई है।''
भाषा
देवेंद्र प्रशांत
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