प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र का उद्घाटन किया
पवनेश
- 01 Aug 2026, 08:23 PM
- Updated: 08:23 PM
मैसूरु, एक अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को भारत के युवाओं से सेवा, नवोन्मेष, शिक्षा और अनुशासन के जरिए खुद को राष्ट्र-निर्माण में झोंक देने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के भारत के सपने को पूरा करना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है।
मोदी ने यहां श्री रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस स्मारक को ऐसे युवाओं को तैयार करना चाहिए जो देश को खुद से ऊपर रखें और विवेकानंद के सेवा और त्याग के आदर्शों से प्रेरणा लें।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र रामकृष्ण मिशन के काम के विस्तार का एक नया कदम है।
भारत के बदलाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवा कभी औपनिवेशिक शासन में बंधे हुए थे, लेकिन आज वे वैश्विक विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।
मोदी ने कहा,''आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। इसे किसने मुमकिन बनाया है? भारत के युवाओं की क्षमता ने। भारत के युवा दुनिया के विकास को गति दे रहे हैं।''
उन्होंने देश को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, तीसरा सबसे बड़ा 'स्टार्टअप इकोसिस्टम', दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फ़ोन निर्माता और सेमीकंडक्टर, कृत्रिम मेधा, डीप टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उसे तेजी से आगे बढ़ाने का श्रेय युवा भारतीयों को दिया।
हाल में निजी तौर पर विकसित भारतीय रॉकेट के लॉन्च का ज़िक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इसने देश के युवा नवोन्मेषकों की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाया है।
उन्होंने कहा, ''स्वामी विवेकानंद ने भारत का जो सपना देखा था, उसे साकार करना आज की पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है। मुझे पूरा भरोसा है कि 'विवेक स्मारक' उस मिशन के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का एक सशक्त स्रोत बनेगा।''
उन्होंने कहा, ''मैसुरु भारत की सदियों पुरानी सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रहा है।''
उन्होंने कहा कि इस शहर से स्वामी विवेकानंद के जुड़ाव और उस समय मैसुरु के महाराजा से उन्हें मिले समर्थन ने स्वामी की पश्चिम की यात्रा में एक अहम भूमिका निभायी।
'शिव ज्ञाने जीव सेवा' (मानवता की सेवा ही ईश्वर की सेवा है) के सिद्धांत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि विवेक स्मारक को युवाओं को प्रेरित करना चाहिए कि वे व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर गरीबों और देश के कल्याण को प्राथमिकता दें।
पिछले 12 सालों में शिक्षा के क्षेत्र में हुई उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए मोदी ने कहा कि 650 से ज़्यादा विश्वविद्यालय, लगभग 14,000 महाविद्यालय, 4,000 से ज़्यादा औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र , नौ भारतीय प्रबंधन संस्थान, सात भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और 13 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान स्थापित किए गए हैं, जबकि एमबीबीएस सीट की संख्या बढ़कर लगभग 1.4 लाख हो गई है और मेडिकल कॉलेजों की संख्या 823 तक पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यार्थियों को 21वीं सदी के लिए तैयार कर रही है, जबकि 14,000 से ज़्यादा पीएम श्री स्कूल और 10,000 से ज़्यादा 'अटल टिंकरिंग लैब' नवोन्मेष और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दे रहे हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 'विवेक स्मारक' स्वामी विवेकानंद के भारत भ्रमण के दौरान नवंबर 1892 में उनकी ऐतिहासिक मैसूरु यात्रा की याद दिलाता है।
बयान में कहा गया है कि मैसूरु में प्रवास के दौरान विवेकानंद ने प्रवचन दिए, विद्वानों और भक्तों से बातचीत की और महाराजा श्री चामराजेन्द्र वाडियार दशम का संरक्षण प्राप्त किया। महाराजा के सहयोग से ही वह 1893 में शिकागो में 'धर्म संसद' (पार्लियामेंट ऑफ़ रिलीजन) में शामिल हो पाए थे।
ऐतिहासिक निरंजन मठ में स्थापित 'विवेक स्मारक' 81,000 वर्ग फुट से ज़्यादा के निर्मित क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें एक मुख्य इमारत तथा एक एनेक्स ब्लॉक शामिल है।
भाषा राजकुमार पवनेश
पवनेश
0108 2023 मैसुरु