पैरा साइकिलिस्ट लिशा दास 4000 मीटर व्यक्तिगत परसूट क्वालीफाइंग में अंतिम स्थान पर रही
नमिता
- 30 Jul 2026, 07:45 PM
- Updated: 07:45 PM
ग्लास्गो, 30 जुलाई (भाषा) भारतीय पैरा साइकिलिस्ट लिशा दास बृहस्पतिवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की सी4-सी5 4,000 मीटर व्यक्तिगत परसूट क्वालीफाइंग स्पर्धा में छठे और अंतिम स्थान पर रहने के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।
भारतीय दल की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाली देश की एकमात्र पैरा-ट्रैक साइकिलिस्ट 16 वर्षीय इस खिलाड़ी ने क्वालीफाइंग राउंड में 6:58.000 का समय निकाला, जिसमें उनकी औसत गति 34.450 किमी प्रति घंटा रही।
ऑस्ट्रेलिया की तारा नेलैंड ने 4:45.796 के समय के साथ क्वालीफाइंग में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि इंग्लैंड की मॉर्गन न्यूबेरी ने 5:06.470 के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल करके स्वर्ण पदक की दौड़ में अपनी जगह पक्की कर ली।
न्यूजीलैंड की निकोल मरे (5:06.878) और ऑस्ट्रेलिया की एरिन नॉर्मोयल (5:24.264) कांस्य पदक के मुकाबले के लिए क्वालीफाई किया।
इस प्रतियोगिता के क्वालीफाइंग प्रारूप के तहत पहले दो स्थान पर रहने वाले राइडर स्वर्ण पदक की दौड़ में आगे बढ़ते हैं, जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाले राइडर कांस्य पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।
इस बीच पुरुषों की टीम स्प्रिंट साइकिलिंग स्पर्धा में भारत कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाया और सात टीमों में अंतिम स्थान पर रहा।
भारत के तीन राइडर रोजित सिंह, डेविड बेकहम और रोनाल्डो सिंह ने 750 मीटर स्पर्धा में कुल मिलाकर 46.396 सेकंड का समय लिया और उनकी औसत गति 58.195 किमी प्रति घंटा रही।
ऑस्ट्रेलिया ने 42.754 सेकंड के समय और 63.152 किमी प्रति घंटे की औसत गति के साथ क्वालीफाइंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को मामूली अंतर से पीछे छोड़ा जो 42.799 सेकंड के समय और 63.086 किमी प्रति घंटे की औसत गति के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
दोनों टीमें स्वर्ण पदक के लिए आमने-सामने होंगी, जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाले त्रिनिदाद एवं टोबैगो और वेल्स कांस्य पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।
भारत की शुरुआत धीमी रही। रोजित ने शुरुआती 250 मीटर की रेस 18.648 सेकंड में पूरी की। बेकहम ने 13.626 सेकंड का समय लिया। रोनाल्डो (14.122 सेकंड) ने भी अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन उनका प्रयास खराब शुरुआत की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं था।
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पंत नमिता
नमिता
3007 1945 ग्लास्गो