मप्र : गिरफ्तारी के बाद दो युवकों को 'फर्जी प्लास्टर' चढ़ाए जाने के वीडियो सामने आए, जांच शुरू
शफीक
- 30 Jul 2026, 08:17 PM
- Updated: 08:17 PM
इंदौर (मध्यप्रदेश), 30 जुलाई (भाषा) इंदौर में मारपीट और तोड़फोड़ के आरोपों में गिरफ्तार दो युवकों को कथित तौर पर फर्जी प्लास्टर चढ़ाए जाने और बाद में खुद उनके द्वारा यह प्लास्टर हटाए जाने के वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ओम प्रकाश ने कहा कि इन वीडियो का संज्ञान लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि क्या अपने हाथों पर फर्जी प्लास्टर चढ़वाकर दोनों आरोपी चोट लगने का नाटक कर रहे थे और इसमें पुलिस की किस तरह की मिलीभगत थी?
इनमें से एक वीडियो में दोनों आरोपी पुलिस की मौजूदगी में कथित तौर पर जुलूस निकाले जाने के दौरान लंगड़ाकर चलते दिखाई देते हैं और उनके एक-एक हाथ में प्लास्टर बंधा नजर आता है।
दूसरे वीडियो में दोनों आरोपी जिला जेल में दाखिल होने से पहले इसके प्रवेश द्वार के बाहर अपने हाथों का प्लास्टर खुद उतारकर झाड़ियों में फेंकते दिखाई देते हैं। वीडियो में उनके साथ मौजूद एक पुलिस कर्मी भी प्लास्टर हटाने में उनकी मदद करता नजर आता है।
वीडियो बनाने वाला एक अज्ञात व्यक्ति यह आरोप लगाता भी सुनाई देता है कि इस पुलिस कर्मी ने दोनों आरोपियों से 20,000 रुपये की रिश्वत ली है।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि हीरा नगर थाना क्षेत्र में 23 जुलाई को पुलिस के संज्ञान में एक प्रकरण आया था जिसमें दो युवकों ने एक व्यक्ति से कथित तौर पर मारपीट और तोड़फोड़ की थी।
उन्होंने बताया कि दोनों युवकों के खिलाफ संबद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजा गया था।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि दोनों आरोपियों से जुड़े वीडियो का संज्ञान लिया गया है और इनकी जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, ''जांच में जो तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।''
जब पूछा गया कि क्या गिरफ्तारी के समय दोनों आरोपियों के हाथों में सचमुच चोटें आई थीं और उनके हाथों पर प्लास्टर कब और किसने चढ़ाया था, तो हीरा नगर पुलिस थाने के प्रभारी सुशील पटेल ने जवाब दिया, "सभी पहलुओं की जांच चल रही है। इसलिए फिलहाल इस बारे में कोई भी टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा।''
भाषा हर्ष शफीक
शफीक
3007 2017 इंदौर