बदरीनाथ में चढ़ावा संबंधी अनियमितता के मामले में बीकेटीसी का पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार
संतोष
- 17 Jul 2026, 11:41 PM
- Updated: 11:41 PM
गोपेश्वर, 17 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड के बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में पुलिस ने शुक्रवार को श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व मंदिर अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया ।
चमोली पुलिस के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि पूर्व में गणना अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे राजेंद्र चौहान को मामले में सह-अभियुक्त के तौर पर गिरफ्तार किया गया है। चौहान कुछ दिन पूर्व ही पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा गठित विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) की विवेचना में मिले इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी एवं मौखिक साक्ष्यों के आधार पर चौहान की संलिप्तता सामने आने पर उसे गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी को ज्योतिर्मठ से बदरीनाथ लाया गया है जहां उससे पूछताछ की जा रही है ।
इस प्रकरण में यह दूसरी गिरफ्तारी है। चौहान से पहले इस प्रकरण में बीकेटीसी के अध्यक्ष कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के रूप में तैनात रहे निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार, एसआईटी द्वारा थाली भेंट गणना कक्ष की विभिन्न तिथियों की सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और संबंधित गवाहों के बयानों से सामने आया कि चौहान ने नौटियाल के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत थाली भेंट गणना के दौरान प्राप्त धनराशि एवं अन्य दान सामग्री का कुछ हिस्सा अपने कब्जे में लिया।
पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में 22, 25 एवं 29 जून को चौहान को कई बार 500 रुपये के नोटों की गड्डियां, दान सामग्री एवं आभूषण अपनी जेब में रखते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया।
दो जुलाई को सोशल मीडिया पर मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया था जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर नौटियाल को निलंबित करने के बाद उसके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी गठित की जिसकी जांच में साक्ष्य मिलने के बाद 12 जुलाई को नौटियाल को गिरफतार किया गया था।
इसके अलावा, मंदिर के चढ़ावे के रिकॉर्ड वाले रजिस्टर में 'ओवरराइटिंग' पाए जाने के बाद इस कार्य में लगे खजांची संदेश मेहता का भी हाल में वहां से हटाकर अन्यत्र तबादला किया जा चुका है ।
भाषा सं दीप्ति
संतोष
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