अब एआई के परीक्षण से क्रियान्वयन की तरफ बढ़ रहे विप्रो के ग्राहकः रिशद प्रेमजी
अजय
- 15 Jul 2026, 07:55 PM
- Updated: 07:55 PM
नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो के कार्यकारी चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने बुधवार को कहा कि अब ग्राहक कृत्रिम मेधा (एआई) को प्रारंभिक परीक्षण परियोजनाओं तक सीमित रखने की जगह अपनी मुख्य कारोबारी प्रक्रियाओं का हिस्सा बना रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में अब भी सतर्कता का माहौल है और कंपनियां लागत को कम करने एवं दक्षता बढ़ाने पर खास ध्यान दे रही हैं।
प्रेमजी ने विप्रो की 80वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि बीते वर्ष में एआई और आधुनिकीकरण को लेकर चर्चा तेज रही, लेकिन कंपनियां सतर्क बनी रहीं और दक्षता, एकीकरण एवं लागत नियंत्रण को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा, "एआई हमारे समय के सबसे बुनियादी बदलावों में से एक है। इससे जहां कार्यकुशलता बढ़ रही है, वहीं नवाचार, रूपांतरण एवं वृद्धि के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। साथ ही आंकड़ों, आधुनिकीकरण और एआई-आधारित प्रौद्योगिकी सेवाओं की मांग भी तेज हो रही है।"
प्रेमजी ने कहा कि अब ध्यान प्रयोग से आगे बढ़कर वास्तविक क्रियान्वयन पर आ गया है। उन्होंने कहा, "हमारे ग्राहक प्रारंभिक परीक्षण चरण से आगे बढ़ चुके हैं और एआई को अपने मुख्य परिचालन का हिस्सा बना रहे हैं। इसका असर हमें काम की प्रकृति में बदलाव के रूप में दिखाई दे रहा है।"
उन्होंने बताया कि विप्रो अपने एआई आधारित बदलावों के लिए 'पहले ग्राहक' की भूमिका निभा रही है। कंपनी ने आंतरिक तौर पर एआई लागू कर अपनी मासिक वित्तीय समापन प्रक्रिया को घटाकर सिर्फ आठ घंटे कर दिया है, जबकि पहले एक महीने में बनने वाली योजना अब पांच दिन में पूरी हो रही है।
प्रेमजी ने कहा कि एआई आधुनिकीकरण की गति और लागत संरचना दोनों को बदल रही है और इससे वृद्धि के नए रास्ते खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिचालन में अब कर्मचारियों की भूमिका नियमित कार्यों से हटकर अपवाद प्रबंधन, अनुपालन सुनिश्चित करने, विश्लेषणात्मक निष्कर्ष तैयार करने और रणनीतिक निर्णयों में सहयोग देने की ओर बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि इस बदलाव को समर्थन देने के लिए कंपनी के अधिकांश कर्मचारियों ने उन्नत एआई प्रशिक्षण को पूरा कर लिया है।
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