जमशेदपुर में करणी सेना नेता की हत्या की जांच सीबीआई से कराई जाए : भाजपा
माधव
- 07 Jul 2026, 06:44 PM
- Updated: 06:44 PM
रांची, सात जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर जमशेदपुर में करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश देने का आग्रह किया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 27 जून को हिमांशु की हत्या की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की गई।
जमशेदपुर के बिष्टुपुर इलाके में एक बार में छेड़छाड़ की कथित घटना को लेकर हुए झगड़े के बाद हिमांशु और प्रत्युष सिंह को पुलिस के गश्ती वाहन से बाहर खींचकर उन पर हमला किया गया।
पुलिस ने मामले के सिलसिले में अब तक पांच लोगों को पकड़ा है, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं, जबकि पांच अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में भाजपा ने दावा किया कि पुलिस की गाड़ी से बाहर खींचे जाने के बाद हिमांशु और प्रत्युष पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी "मूक दर्शक" बने रहे।
भाजपा ने दावा किया कि पुलिसकर्मी हमले को रोकने के लिए असरदार कार्रवाई करने में नाकाम रहे। उसने कहा कि बाद में हिमांशु की चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि प्रत्युष का कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज किया जा कहा है।
भाजपा ने इस घटना को राज्य में कानून-व्यवस्था के "पूरी तरह से चरमराने" का सबूत करार दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले के मुख्य तथ्यों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
भाजपा ने दावा किया कि जिस बार में घटना हुई, उसके संचालक नीरज सिंह को गलत तरीके से फंसाने की कोशिश की जा रही है, जबकि घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों को बचाया जा रहा है।
पार्टी ने कहा कि राज्य सरकार को ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करना चाहिए था और उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रही।
भाजपा ने दावा किया कि लोगों का मामले की मौजूदा जांच से भरोसा उठ गया है। पार्टी ने राज्यपाल से मामले में दखल देने और सीबीआई से हत्या की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।
भाषा पारुल माधव
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