जम्मू-कश्मीर : पुलिस ने बसंतगढ़ मुठभेड़ में शामिल छह आतंकवादियों के रेखाचित्र जारी किए
रवि कांत माधव
- 11 May 2024, 09:05 PM
- Updated: 09:05 PM
जम्मू, 11 मई (भाषा) जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में हुई मुठभेड़ में शामिल छह आतंकवादियों के रेखाचित्र जारी किए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक, इन आतंकवादियों ने पाकिस्तान से भारतीय सीमा में घुसपैठ की और घने जंगलों में भागने से पहले गोलीबारी में एक गांव के रक्षा गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी।
उधमपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जोगिंदर सिंह ने आतंकवादियों के एक सहयोगी की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में पहली सफलता मिलने की घोषणा की। आतंकवादियों के इस सहयोगी ने सीमा पार से घुसपैठ के बाद आतंकियों को इलाके तक पहुंचने में मदद की थी।
एसएसपी सिंह ने कहा कि छह आतंकवादियों के रेखाचित्र विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों, जनता और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर तैयार किए गए हैं।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि लोग आगे आएंगे और आतंकवादियों को ढेर करने में सुरक्षा एजेंसियों की मदद करेंगे। प्रत्येक आतंकवादी को मार गिराने वाली विश्वसनीय जानकारी देने वाले को पांच लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा।’’
ग्राम रक्षक (वीडीजी) मोहम्मद शरीफ 28 अप्रैल को बसंतगढ़ के पनारा गांव में घेराबंदी और तलाशी अभियान के बाद आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।
इस बीच, घने जंगलों में छिपे हुए आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चल रहा है। इनके बारे में माना जाता है कि वे सीमा पार से सफलतापूर्वक घुसपैठ करने के बाद पास के कठुआ जिले से उधमपुर में घुस गए हैं।
एसएसपी ने कहा कि माना जा रहा है कि कम से कम 12 आतंकवादी इलाके में घुसपैठ कर चुके हैं और कहा, ''उन्हें मार गिराकर एक बार फिर से शांति स्थापित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है''।
उन्होंने कहा, ‘‘यह क्षेत्र काफी लंबे समय से शांतिपूर्ण बना हुआ है और हमारा दुश्मन यहां की शांति भंग करना चाहता है। लेकिन, हम लोगों के सहयोग से उनके मंसूबों को नाकाम कर देंगे और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करेंगे।’’
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान कठुआ के लोहा-नाथी गांव के जावेद के रूप में की गयी है, जिसने आतंकवादियों की मदद प्रदान की थी।
भाषा रवि कांत