एसडीएफ को भूटिया की लोकप्रियता और युवा प्रत्याशियों के जरिये सिक्किम में सत्ता में वापसी का भरोसा
राजकुमार पवनेश
- 02 Apr 2024, 06:50 PM
- Updated: 06:50 PM
गंगटोक, दो अप्रैल (भाषा) पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके पवन कुमार चामलिंग के नेतृत्व वाला विपक्षी ‘सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ)’ इस हिमालयी राज्य में सत्ता में वापसी के लिए पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी बाईचुंग भूटिया की लोकप्रियता एवं युवा उम्मीदवारों पर भरोसा कर रहा है।
एसडीएफ चुनाव जीतने के लिए सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के खिलाफ सत्ताविरोधी लहर का लाभ उठाने के साथ-साथ लोगों के इस भय कि एसकेएम या भाजपा के सत्ता में आने पर संविधान की अनुसूची 371 (एफ) के तहत सिक्किम के विशेष दर्जा तथा उसके पुराने कानूनों को शिथिल बनाया जाएगा, को भी भुनाना चाहता है।
सिक्किम की 32 सदस्यीय विधानसभा तथा लोकसभा की एक सीट के लिए 19 अप्रैल को चुनाव होंगे।
एसडीएफ पिछला विधानसभा चुनाव प्रेम सिंह तमांग की अगुवाई वाले एसकेएम के हाथों हार गया था। एसडीएफ ने 1994 से 2019 तक 25 सालों तक सिक्किम पर शासन किया था।
विधानसभा चुनाव में एसकेएम को कड़ी टक्कर देने के लिए चामलिंग ने भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान रह चुके बाईचुंग भूटिया (45) को अपने पाले में किया है।
भूटिया ने चामलिंग के साथ अपने मतभेदों को एकतरफ रखते हुए अपनी पार्टी ‘हमरो सिक्किम’ का एसडीएफ में विलय कर लिया। उसके तत्काल बाद चामलिंग ने उन्हें एसडीएफ उपाध्यक्ष पद तथा विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी के टिकट से नवाजा।
भूटिया ने एसडीएफ सुप्रीमो के पक्ष में जनसमर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। वह राज्य के लोगों से चामलिंग को एक और कार्यकाल देने का अनुरोध कर रहे हैं।
भूटिया ने कहा, ‘‘ सिक्किम को विकास एवं समृद्धि के मार्ग पर ले जाने के लिए चामलिंग के पास नेतृत्व कौशल एवं दूरदृष्टि है ।’’
चामलिंग और भूटिया लोगों के बीच इस आशंका कि यदि एसकेएम या भाजपा अकेले अपने बलबूते पर या चुनाव बाद गठजोड़ के जरिए सत्ता में आ गये तो सिक्किम के विशेष दर्जा तथा उसके पुराने कानूनों को शिथिल कर दिया जाएगा, को हवा देकर उसे भुनाने में जुटे हैं।
अनुच्छेद 371एफ के तहत, सिक्किम को कई लाभ दिए गए हैं जैसे सिक्किम के लोगों को जमीन का मालिकाना हक और राज्य सरकार की नौकरियां पाने का अधिकार है। उन्हें इनकम टैक्स चुकाने से भी छूट मिली है।
चामलिंग दो विधानसभा क्षेत्रों, नामची जिले के पोकलोक-कामरांग और पाकयोंग जिले के नामचेयबुंग से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि भूटिया को बारफुंग (बीएल-आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं।
एसडीएफ ने अधिकांश विधानसभा सीटों पर युवा प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। जबकि एकमात्र लोकसभा सीट पर चामलिंग के करीबी और दो बार के सांसद पीडी राय को टिकट दिया है।
भाषा
राजकुमार