प्रधानमंत्री ने शुभेंदु को पत्र लिखकर राज्य के विकास को गति देने के लिए सहयोग का भरोसा दिया
अविनाश
- 20 Jun 2026, 11:50 PM
- Updated: 11:50 PM
कोलकाता, 20 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल की हर संभव मदद करेगी और 'रुकी हुई विकास' परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
पश्चिमबंग दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को लिखे एक पत्र में मोदी ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी की नयी सरकार से विकास के लिए अल्प, मध्यम और लंबी अवधि के लक्ष्य तय करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, "केंद्र सरकार राज्य की हर संभव मदद करेगी। रुके हुए विकास कार्यो (जिनमें जल जीवन मिशन और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम शामिल हैं) में तेजी लाने के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।"
उन्होंने कहा कि रेलवे के विकास के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और 60,000 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित/प्रक्रियाधीन है।
पश्चिमबंग दिवस के मौके पर हुगली के तारकेश्वर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल मछली पालन, विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, बंदरगाह-आधारित विकास, कपड़ा उद्योग, पर्यटन और डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक बड़ा केंद्र बन सकता है।
उन्होंने पत्र में कहा, "राज्य की रणनीतिक स्थिति इसे व्यापार और कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार बना सकती है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं पश्चिम बंगाल सरकार से आग्रह करता हूं कि वह अल्प, मध्यम और लंबी अवधि के लक्ष्य तय करने के बारे में भी सोचे, जैसे कि अगले कुछ वर्षों, अगले दशक आदि में क्या हासिल किया जाएगा।"
मोदी ने कहा, "इस तरह हमें प्रगति का वास्तविक आकलन मिल सकेगा और साथ ही इससे 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने के लिए 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयासों को मजबूती मिलेगी।"
पश्चिमबंग दिवस पर राज्य के लोगों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, "यह दिन पश्चिम बंगाल के लोगों के जज्बे और भारत की सामूहिक यात्रा में उनकी अहम भूमिका की सराहना करने का है।"
उन्होंने कहा, "आज पश्चिमबंग दिवस पर हम इतिहास के एक अहम दिन को याद कर रहे हैं और साथ ही एक ऐसी संस्कृति का जश्न मना रहे हैं, जिसके योगदान ने भारत की बौद्धिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक नींव को आकार दिया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के इतिहास में, खासकर आधुनिक दौर में, "पश्चिम बंगाल और इस मिट्टी से पले-बढ़े महान लोगों का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है।"
उन्होंने कहा कि चाहे नए विचार हों, विचारों का पुनर्जागरण हो या कलात्मक निखार, साहित्यिक उत्कृष्टता हो या सामाजिक जागृति, इन सभी में बंगाल ने आगे बढ़कर योगदान दिया है।
मोदी ने कहा, "जब भारत के लोग औपनिवेशिक शासन से जूझ रहे थे तब बंगाल से ही 'वंदे मातरम' का उद्भव हुआ, जिसने एक सशक्त संदेश दिया और हर भारतीय की भावना को समाहित किया।"
भारत इस साल 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है।
मोदी ने पत्र में कहा, "मैं अभी स्लोवाकिया से लौटा हूं, जहां के गायकों ने यह गीत बहुत खूबसूरती से गाया। यह 'वंदे मातरम' की वैश्विक लोकप्रियता को दर्शाता है!"
भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को सम्मान के साथ याद किए जाने पर जोर देते हुए मोदी ने लिखा कि अनिश्चितता और उथल-पुथल के दौर में "उन्होंने उन लोगों की आकांक्षाओं को आवाज दी जो भारत का अभिन्न अंग बने रहना चाहते थे।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "पश्चिमबंग दिवस मनाने का फैसला लोकतांत्रिक इच्छाशक्ति, संवैधानिक प्रक्रियाओं और बंटवारे से प्रभावित अनगिनत परिवारों के बलिदानों के प्रति एक सम्मान है।"
मुख्यमंत्री और उनकी टीम की कोशिशों के लिए उन्हें बधाई देते हुए मोदी ने कहा, "यह देखकर खुशी हुई कि पश्चिम बंगाल ने आयुष्मान भारत योजना को अपनाया है, यह ऐसा फैसला है जिससे करोड़ों परिवारों को फायदा होगा।"
भाषा
शुभम अविनाश
अविनाश
2006 2350 कोलकाता