दिल्ली : राजौरी गार्डन के एक रेस्तरां में लगी आग, दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
रवि कांत प्रशांत
- 09 Dec 2024, 06:57 PM
- Updated: 06:57 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन बाजार स्थित एक रेस्तरां में सोमवार को आग लग गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक आग की इस घटना के कारण एक संस्थान के कई विद्यार्थियों को अपनी जान बचाने के लिए इमारत से कूदने पर मजबूर होना पड़ा। एक व्यक्ति को मामूली चोट आने के बाद अस्पताल ले जाया गया।
दिल्ली के अग्निशमन सेवा विभाग के प्रमुख अतुल गर्ग ने बताया, ‘‘हमें अपराह्न 2.01 बजे राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास जंगल जम्बूरी रेस्तरां में आग लगने की सूचना मिली। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 10 गाड़ियों को तुरंत मौके पर भेजा गया।’’
उन्होंने बताया कि आग लगने की घटना में अब तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। आग लगने के कारण का अभी तक पता नहीं चल सका है।
अधिकारियों के मुताबिक आग लगने से इलाके में घना धुआं छा गया, जिससे आसपास के दुकानदारों में दहशत फैल गई।
आग लगने की इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए, जिनमें लोग अपनी जान बचाने के लिए बगल की इमारत पर कूदते नजर आ रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि घटना के समय रेस्तरां में 20 से अधिक लोग मौजूद थे।
एक दुकानदार घनश्याम अग्रवाल ने कहा, ‘‘अपराह्न करीब दो बजे का समय था, जब कई स्थानीय दुकानदारों ने जंगल जम्बूरी रेस्तरां से काला धुआं निकलता देखा। हमने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग की टीमों को सूचित किया। अपनी जान बचाने के लिए 25 से ज़्यादा लोग रेस्तरां में बैठने की खुली जगह से पास की एक इमारत की छत पर कूद गए।’’
इस बीच, अधिकारियों ने अग्निशमन कार्य को सुगम बनाने के लिए आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है।
दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि इमारत के भूतल पर कई दुकानें हैं, पहली मंजिल पर जंगल जम्बूरी नामक एक रेस्तरां (जो बंद था) और दूसरे तल पर एमएएसी राजौरी नामक एक संस्थान है।
पुलिस ने बताया कि भूतल पर स्थित प्रतिष्ठानों में नुकसान कम हुआ है।
पुलिस ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए अब तक दमकल की आठ गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया है और आग पर काबू पा लिया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रतिष्ठानों के मालिकों से आग लगने के समय परिसर में मौजूद सभी लोगों का विवरण देने को कहा गया है।
भाषा रवि कांत