बुमराह दोनों छोर से गेंदबाजी नहीं कर सकतें, अन्य गेंदबाजों को भी जिम्मेदारी लेनी होगी: रोहित
आनन्द पंत
- 08 Dec 2024, 05:26 PM
- Updated: 05:26 PM
एडिलेड, आठ दिसंबर (भाषा) ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (बीजीटी) के दिन-रात्रि दूसरे टेस्ट मैच को गंवाने के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि जसप्रीत बुमराह भी इंसान है और हमेशा अपने दम पर पूरी गेंदबाजी का भार नहीं उठा सकते हैं।
रोहित ने बुमराह का साथ देने के लिए टीम के अन्य गेंदबाजों से अपना स्तर ऊंचा करने को कहा।
भारत दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया से 10 विकेट से हार गया । बुमराह ने इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में चार विकेट लिये।
रोहित ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हम सिर्फ एक गेंदबाज के साथ नहीं खेल रहे हैं। अन्य गेंदबाज भी हैं जिन्हें जिम्मेदारी लेनी होगी और टीम के लिए काम करना होगा। चाहे वह (मोहम्मद) सिराज, हर्षित राणा, नितीश रेड्डी, आकाश दीप या प्रसिद्ध (कृष्णा) हों।’’
भारतीय कप्तान ने गेंदबाजी विभाग में थोड़ी अनुभवहीनता की बात को स्वीकारते हुए उम्मीद जताई कि समय के साथ खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ये गेंदबाज अभी टेस्ट क्रिकेट में आए हैं, उन्हें आत्मविश्वास देना महत्वपूर्ण है। जब भी वे मैच खेलते हैं, तो उन्हें आत्मविश्वास देना महत्वपूर्ण है। हम योजना बनाते रहते हैं और चर्चा करते रहते हैं। लेकिन आप सुबह से शाम तक बुमराह से दोनों छोर से गेंदबाजी करने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ (सभी) गेंदबाजों को प्रबंधित करना बहुत महत्वपूर्ण है। हम ये सब एक दूसरे से चर्चा करते हैं। हम गेंदबाज से बात करते हैं और फिर निर्णय लेते हैं।’’
रोहित ने कहा कि वह गेंदबाजों के कार्यभार प्रबंधन को बहुत गंभीरता से लेते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब भी वह (बुमराह) कोई स्पैल खत्म करता है तो मैं उससे (बुमराह) बात करता हूं। मैं पूछता हूं कि उसका शरीर कैसा महसूस कर रहा है। वह तरोताजा महसूस कर रहा है या नहीं? यह पांच मैचों की श्रृंखला है, हम चाहते हैं कि बुमराह सभी मैच खेले और तरोताजा रहे।’’
युवा हर्षित राणा ने 16 ओवर में 86 रन लुटाये, लेकिन कप्तान एडिलेड में मिली बड़ी हार के बाद महज दो टेस्ट खेलने वाले इस गेंदबाज का बचाव किया।
रोहित ने दिल्ली के इस गेंदबाज के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ राणा ने पहले टेस्ट में कुछ भी गलत नहीं किया। उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने जरूरत पड़ने पर टीम को महत्वपूर्ण सफलता दिलायी थी। मेरा मानना है कि अगर किसी ने कुछ भी गलत नहीं किया है तो उसे बिना वजह बाहर नहीं किया जा सकता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा होता है, कभी-कभी टीम को वह नहीं मिलता जिसकी उसे जरूरत होती है। उसका सामना एक अच्छे बल्लेबाज से हुआ जिसने उस पर दबाव बना दिया। लेकिन वह मजबूत जज्बा और जुनून वाला खिलाड़ी है इसलिए हमें ऐसे (खिलाड़ी के गुणों) का समर्थन करना चाहिए।’’
रोहित ने कहा, ‘‘ एक मैच के प्रदर्शन के आधार पर किसी को आंकना सही नहीं है। हम किसी भी खिलाड़ी के खेलने के लिए हमेशा (सभी) विकल्प खुले रखते हैं क्योंकि हमें टेस्ट मैच जीतना है। अगर हमें टेस्ट जीतने के लिए ऐसे बदलाव करने होंगे तो हम ऐसा करेंगे।’’
रोहित हेड और तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के बीच हुई नोकझोंक को ज्यादा तवज्जो देने से बचते दिखे।
हेड को आउट करने के बाद सिराज की उनसे कहा सुनी हुई थी। हेड ने बाद में दावा किया कि उन्होंने सिराज से कहा, ‘ अच्छी गेंदबाजी की’ लेकिन भारतीय गेंदबाज ने उनकी इस बात को झूठ करार दिया।
रोहित ने सिराज का बचाव करते हुए कहा, ‘‘ खेल के दौरान आक्रामक होने और अति-आक्रामक होने के बीच बहुत कम अंतर होता है। कप्तान के रूप में यह देखना मेरा काम है कि कोई भी इस सीमा को पार न करे। कुछ शब्दों का आदान-प्रदान किया जा सकता है। सिराज को पता है कि उन्हें टीम के लिए क्या करने की जरूरत है और वह हर जरूरी चीज करेंगे।’’
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया द्वारा इस मामले पर और पूछे जाने पर, रोहित ने कहा, ‘‘जब भारत और ऑस्ट्रेलिया खेलते हैं, तो ऐसी चीजें होती हैं। मेरा काम एक घटना को देखना नहीं है, बल्कि बड़ी तस्वीर देखना है।’’
रोहित ने कहा कि टीम दोनों पारियों में 200 रन भी नहीं बना सकी जो काफी निराशाजनक है।
उन्होंने कहा, ‘‘ जब आप ऑस्ट्रेलिया आते हैं, तो मुझे लगता है कि टेस्ट मैच जीतने का सबसे अच्छा मौका बड़ा स्कोर खड़ा करने से मिलता है। हम जानते थे कि उस गेंद (गुलाबी गेंद) के साथ चुनौतियां होंगी।’’
रोहित ने कहा, ‘‘अतीत में हम कई बार वापसी करने में सफल रहे है। हमने पहले भी मुश्किल परिस्थितियों में अच्छी बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर खड़ा कर प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाने की कोशिश की है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह निराशाजनक बात है कि हमने अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। हमने शायद पहली पारी में 30-40 रन कम बनाये।’’
भाषा आनन्द