बादल पर हमला चिंता की बात: उमर अब्दुल्ला
वैभव रंजन
- 05 Dec 2024, 07:44 PM
- Updated: 07:44 PM
श्रीनगर, पांच दिसंबर (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त सुखबीर सिंह बादल पर हमला होना चिंता की बात है जिसकी जांच होनी चाहिए।
अब्दुल्ला ने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने कल सुखबीर पर हमले के बाद उनसे बात की। मैंने अल्लाह का शुक्रिया अदा किया कि वह हमले में बच गए। हमने परिस्थिति पर बात की और जाहिर तौर पर उन्होंने कुछ अन्य चीजें मेरे साथ साझा कीं, जो सार्वजनिक नहीं कर सकता।’’
उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि एक पूर्व उप मुख्यमंत्री जिसे जेड-प्लस की सुरक्षा प्राप्त है, उस पर दिनदहाड़े हमला हो जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसकी जांच होनी चाहिए कि यह कैसे हुआ और क्यों हुआ। भविष्य में इस तरह की घटना फिर नहीं होनी चाहिए। पंजाब 1980 के दशक और 1990 के दशक की शुरुआत में बहुत कठिन दौर से गुजरा है और अल्लाह न करे कि हमें फिर ऐसी कोई चीज देखनी पड़े।’’
पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के बाहर बुधवार को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर एक पूर्व खालिस्तानी आतंकवादी ने गोली चलाई, लेकिन वहां सादे कपड़ों में मौजूद एक पुलिसकर्मी द्वारा आरोपी को पकड़ लिए जाने से उसका निशाना चूक गया और सुखबीर बाल-बाल बच गए।
मस्जिदों और दरगाहों के सर्वे के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि देश धर्मनिरपेक्ष है और सभी को यहां स्वतंत्रता से जीवन जीने का अधिकार है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी ने भी इस बारे में बात की है। सभी को इस देश में रहने का अधिकार है। संविधान में एक शब्द धर्मनिरपेक्ष (सेकुलर) है और जब तक यह शब्द रहेगा, तब तक हमें इस देश में स्वतंत्रता से रहने का अधिकार है, चाहे हम किसी भी धर्म के हों।’’
अब्दुल्ला ने कहा कि कहीं दरगाहों और मस्जिदों को सोची-समझी साजिश के तहत तो निशाना नहीं बनाया जा रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मस्जिदों और दरगाहों या हमारे धर्म का पालन करने के तरीके पर हमला करके आप हमें प्रताड़ित कर रहे हैं और यह वह भारत नहीं है जिसका जम्मू-कश्मीर हिस्सा था, यह वह भारत नहीं है जिसकी हमारे पूर्वजों ने कल्पना की थी, यह वह भारत नहीं है जिसके संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द है और जब तक यह है, इसे धर्मनिरपेक्ष बनाए रखें।’’
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने कहा, ‘‘अगर आप इसे धर्मनिरपेक्ष नहीं रखना चाहते हैं, तो अगर आप संसद के माध्यम से इसे हटा सकते हैं, तो हटा दीजिए।’’
भाषा
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