निवेश अनुकूल नीतियां राजस्थान के विकास में नया अध्याय: मुख्यमंत्री शर्मा
पृथ्वी कुंज धीरज
- 04 Dec 2024, 10:27 PM
- Updated: 10:27 PM
जयपुर, चार दिसंबर (भाषा) राजस्थान सरकार ने अगले सप्ताह होने जा रहे 'राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट' से पहले बुधवार को नौ नई नीतियां पेश कीं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ये नीतियां जारी करते हुए इन्हें राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
शर्मा ने कहा कि इन नई नीतियों से न केवल निवेश आकर्षित होगा, बल्कि लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इन नीतियों में नवाचारों एवं नए प्रयोगों का समावेश किया गया है जिससे राज्य की आर्थिक प्रगति, समृद्धि और रोजगार सृजन सुनिश्चित होगा।
आधिकारिक बयान के अनुसार शर्मा ने इस अवसर पर जिन नीतियों को जारी किया उनमें एमएसएमई नीति 2024, निर्यात संवर्द्धन नीति 2024, एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) नीति, नई पर्यटन इकाई नीति 2024, एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 व 'राजस्थान एम-सैंड पॉलिसी' शामिल है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ये नीतियां हमारे राज्य के लिए रोडमैप होने के साथ ही 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट' में आने वाले निवेश में वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार भी हैं।
शर्मा ने कहा कि यह राजस्थान के विकास के लिए एक नया अध्याय है जिनके माध्यम से राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने के लक्ष्य की प्राप्ति में मदद मिलेगी।
उन्होंने उद्योगपतियों और निवेशकों से प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारा संकल्प ‘विकसित राजस्थान’ का है और ये नीतियां उस दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री शर्मा के नेतृत्व में राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार अपने कार्यकाल के पहले ही साल में निवेश सम्मेलन का आयोजन करने जा रही है। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि निवेश अनुकूल नीतियां राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने में मील का पत्थर साबित होंगी।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्द्धन राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निर्यात संवर्द्धन नीति लागू की जा रही है। इसमें निर्यातकों की सहूलियत के लिए प्रावधान किए गए हैं।
भाषा पृथ्वी कुंज