यूरोपीय संघ-भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता को आगे बढ़ाने का इच्छुक है स्पेन : राष्ट्रपति सांचेज
रमण अजय
- 29 Oct 2024, 05:01 PM
- Updated: 05:01 PM
नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज ने मंगलवार को कहा कि वह यूरोपीय संघ और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता को आगे बढ़ाने के उत्सुक हैं। उन्होंने भारत और स्पेन सहित 27 देशों के ब्लॉक यूरोपीय संघ के बीच मजबूत संबंधों को लेकर अपार क्षमता का जिक्र करते हुए यह बात कही।
यूरोपीय संघ (ईयू)-भारत ने दोनों क्षेत्रों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुक्त व्यापार समझौते का प्रस्ताव रखा है। दोनों पक्ष एफटीए, निवेश संरक्षण संधि और भौगोलिक संकेतकों (जीआई) को लेकर समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
सांचेज ने मुंबई में सीआईआई-स्पेन-भारत व्यापार शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारत और यूरोपीय संघ (स्पेन सहित) के बीच मजबूत संबंधों की काफी संभावनाएं है। स्पेन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और उसने भारत में 4.2 अरब डॉलर का निवेश किया है... हमारा नजरिया यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने को लेकर काफी सकारात्मक है। इससे हमारे बाजारों के आकार और विविधता को बढ़ाने में मदद मिलेगी।’’
स्पेन के राष्ट्रपति सांचेज की यह पहली भारत यात्रा है।
उद्योग मंडल के बयान के अनुसार, सांचेज ने कहा, ‘‘सौर और पवन ऊर्जा में अपने अनुभव के साथ हमारे पास भारत को देने के लिए बहुत कुछ है। हमारी विशेषज्ञता भारत को 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य तक पहुंचने में मदद कर सकती है। हम भारत के साथ उसकी ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा बदलाव को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी करने को प्रतिबद्ध हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत की क्षमता के साथ स्पेन के नवोन्मेष को जोड़कर वैश्विक अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर एक बड़ा सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।’’
सांचेज ने कहा कि स्पेन की अत्याधुनिक रेलवे प्रणाली, सबवे नेटवर्क और परिवहन समाधान भारत की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को काफी फायदा पहुंचा सकते हैं।
शिखर सम्मेलन के दौरान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री का सपना 2070 तक भारत को शुद्ध रूप से कार्बन उत्सर्जन को शून्य स्तर पर लाना है... हरित ऊर्जा और हरित परिवहन अब प्राथमिकताएं हैं। पवन और सौर ऊर्जा के लिए काफी संभावनाएं हैं। मुझे खुशी है कि स्पेन में कई प्रौद्योगिकियां उपलब्ध हैं जिनकी भारत में काफी संभावनाएं हैं, जिससे लागत कम हो सकती है और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।’’
भाषा रमण