बांद्रा स्टेशन पर भगदड़ भारत के ढहते बुनियादी ढांचे की कड़ी में सबसे ताजा उदाहरण : राहुल गांधी
आशीष नेत्रपाल
- 27 Oct 2024, 08:16 PM
- Updated: 08:16 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (भाषा) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर रविवार को मची भगदड़ भारत के चरमराते बुनियादी ढांचे का ताजा उदाहरण है।
उन्होंने यह भी कहा कि उद्घाटन और प्रचार तभी अच्छे होते हैं जब उनके पीछे ऐसी बुनियाद हो जो जनता की सेवा के लिए असल में काम करे।
नगर निकाय और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि बांद्रा स्टेशन पर रविवार तड़के गोरखपुर जाने वाली एक ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान मची भगदड़ में नौ लोग घायल हो गए। हालांकि, पश्चिम रेलवे ने एक बयान में कहा कि घटना में दो लोग घायल हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, दीपावली और छठ के मद्देनजर अपने घरों की ओर जाने की योजना बना रहे लोग बड़ी संख्या में बांद्रा स्टेशन पहुंचे। जब अनारक्षित ट्रेन एक प्लेटफॉर्म पर आ रही थी तो कई यात्री उसमें सवार होने के लिए दौड़ पड़े।
गांधी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘जब सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव के अभाव और उपेक्षा के कारण लोगों की जान जाने लगे और पुल, प्लेटफॉर्म या मूर्तियां रिबन काटने के साथ ही गिरने लगें, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।’’
उन्होंने कहा कि बांद्रा टर्मिनस स्टेशन पर हुई भगदड़ भारत के ढहते बुनियादी ढांचे की कड़ी में सबसे ताजा उदाहरण है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले साल जून में बालासोर ट्रेन हादसे में 300 लोगों की जान चली गई, लेकिन पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के बजाय भाजपा नीत सरकार ने उन्हें लंबे कानूनी दांव-पेंच में उलझा दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘सोचिए जरा जब छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति तक मात्र नौ महीने में गिर जाती है, इसका साफ मतलब है इरादा सिर्फ प्रचार था, इसमें न ही शिवाजी महाराज का सम्मान था और न जनता की सुरक्षा का ध्यान।’’
गांधी ने कहा, ‘‘आज देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है जो गरीबों की स्थानीय जरूरतों का भी ध्यान रखे, जो व्यापार को सरल, यात्रा को सुगम और लोगों को सुरक्षित रखे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत सक्षम है, समर्थ है। हमें बस ज़रूरत है प्रभावी और पारदर्शी सिस्टम की जिसका लक्ष्य जनसेवा हो और फोकस देश के मजबूत भविष्य की बुनियाद हो।’’
भाषा आशीष