जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव: माला की बिक्री में वृद्धि
अमित दिलीप
- 30 Sep 2024, 09:45 PM
- Updated: 09:45 PM
(जेहरा शफी)
श्रीनगर, 30 सितम्बर (भाषा) कश्मीर में एक अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण की तैयारियों के बीच श्रीनगर में माला विक्रेताओं के कारोबार में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिल रहा है।
राजनीतिक दलों के लिए तीसरे और अंतिम चरण के चुनाव से पहले मालाएं एक लोकप्रिय वस्तु बन गई हैं, जो महाराजा बाजार, बोहरी कादल और कोकेर बाजार जैसे प्रमुख बाजारों में तेजी से बिक रही हैं।
स्थानीय विक्रेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद से मालाओं की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो जम्मू कश्मीर में एक दशक बाद एक उल्लेखनीय बदलाव को दर्शाता है।
मालाओं की कीमतें 100 रुपये से लेकर 1,000 रुपये तक हैं, वहीं 'नोट की माला' की कीमत एक लाख रुपये तक है।
स्थानीय डीलर फिरोज सोफी ने कहा, ‘‘चुनावी मौसम शुरू होने के बाद से, हमारे माला व्यवसाय में काफी उछाल आया है। हम नेताओं और उम्मीदवारों के लिए विभिन्न स्वरूप और कीमतें पेश करते हैं। जबकि पहले मालाएं मुख्य रूप से शादियों के लिए बेची जाती थीं, लेकिन चुनावों ने हमारी मांग में उल्लेखनीय वृद्धि की है।’’
सौभाग्य का प्रतीक माने जाने वाली मालाएं राजस्थान, सूरत और दिल्ली जैसे राज्यों से मंगायी जाती हैं।
सबसे लोकप्रिय किस्मों में 'मोती हार' और 'मंत्री हार' हैं, जिनकी वर्तमान में बहुत मांग है।
महाराजा बाजार में एक दुकान के मालिक तारिक अहमद ने इस बदलाव का स्वागत किया और कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक सकारात्मक कदम है। हमारी आजीविका में सुधार हो रहा है और बाजार में आशावाद की भावना है।’’
अहमद ने कहा, ‘‘हम ‘मोती हार’ और ‘मंत्री हार’ के साथ-साथ गुलदस्ते सहित कई तरह की मालाएं उपलब्ध कराते हैं। ‘मंत्री हार’ इस समय खास तौर पर लोकप्रिय है, साथ ही नोट की मालाएं भी, जिनकी कीमत ग्राहकों की मांग के आधार पर अलग-अलग होती है।’’
राजनीतिक समर्थक भारी मात्रा में मालाएं खरीद रहे हैं, बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पड़ोसी जिलों के व्यापारी श्रीनगर आ रहे हैं।
एक अन्य स्थानीय माला विक्रेता एजाज अहमद ने कहा, ‘‘चुनावों के दौरान, आम तौर पर व्यापार बढ़ जाता है क्योंकि समर्थक उम्मीदवारों के लिए मालाएं और सूखे मेवे खरीदते हैं।’’
तीसरे चरण में जिन 40 विधानसभा सीट पर मतदान होना है, उनमें से 24 जम्मू क्षेत्र में और 16 उत्तरी कश्मीर में स्थित हैं।
भाषा अमित