बच्चों को जीवनरक्षक टीके उपलब्ध कराने, किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने का डब्ल्यूएचओ का आह्वान
देवेंद्र सुरेश
- 21 Aug 2024, 05:00 PM
- Updated: 05:00 PM
नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों से सभी बच्चों को जीवनरक्षक टीके उपलब्ध कराने तथा किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने का बुधवार को आह्वान किया।
डब्ल्यूएचओ ने दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों से आह्वान किया कि वे बाल टीकाकरण कार्यक्रम के तहत दिए जा रहे जीवनरक्षक टीकों से सभी बच्चों की रक्षा करने के लिए अपने अभियान में तेजी लाएं तथा सभी किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से बचाने के वास्ते कदम उठाये।
विश्व स्वास्थ्य निकाय की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह (एसईएआर-आईटीएजी) की 15वीं बैठक के उद्घाटन संबोधन में कहा, ‘‘हमें आंशिक रूप से टीकाकरण वाले बच्चों का पूर्ण टीकाकरण करने, (कोविड-19) महामारी के दौरान धीमी पड़ी टीकाकरण की रफ्तार को तेज करने, सभी किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाने और 2026 तक डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया से खसरा और रूबेला को खत्म करने के प्रयासों में तेजी लाने का लक्ष्य रखना चाहिए।’’
वाजेद ने इस वर्ष विस्तारित टीकाकरण कार्यक्रम के 50 वर्ष पूरे होने पर सभी विशेषज्ञों, राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रबंधकों, टीकाकरण अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि पिछले 50 वर्ष में टीकाकरण कार्यक्रमों ने हमारे क्षेत्र के करोड़ों लोगों को अधिक स्वस्थ, लंबा और समृद्ध जीवन जीने में मदद की है।’’
वाजेद ने कहा, ‘‘आज, दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र पोलियो वायरस के संक्रमण से मुक्त हो चुका है और जन-स्वास्थ्य समस्या के रूप में मातृ एवं नवजात टेटनस (एमएनटी) का उन्मूलन किया जा चुका है। पांच देशों ने खसरा और रूबेला को समाप्त कर दिया है, तथा छह देशों ने टीकाकरण के माध्यम से हेपेटाइटिस बी को नियंत्रित किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सात देश लगातार 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों को डिप्थीरिया, पर्टुसिस (काली खांसी) और टेटनस (डीटीपी3) के टीके की तीन खुराकें दे रहे हैं।’’
हालांकि, यह क्षेत्र 2023 तक खसरा और रूबेला को पूरी तरह से खत्म करने के लक्ष्य से चूक गया।
वाजेद ने कहा, ‘‘हमारे क्षेत्र में लगभग 27 लाख बच्चों को कोई टीका नहीं लगाया गया और 2023 में छह लाख बच्चों का आंशिक रूप से टीकाकरण किया गया। हमें यह समझने की जरूरत है कि ये बच्चे कहां और कैसे टीकाकरण से छूट गए तथा ऐसे बच्चों का जल्द से जल्द टीकाकरण किया जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे क्षेत्र की सभी लड़कियां सुरक्षित रहें और उन्हें गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी टीके की कम से कम एक खुराक मिले।’’
भाषा देवेंद्र