राष्ट्रीय राजधानी में हवाई टैक्सी चलाये जाने की लोकसभा में उठी मांग
सुरेश अविनाश
- 08 Aug 2024, 09:11 PM
- Updated: 09:11 PM
नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर वाहनों की गति लगातार थमने के परिप्रेक्ष्य में हवाई टैक्सी चलाये जाने की मांग बृहस्पतिवार को लोकसभा में उठी।
राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने भारतीय वायुयान विधेयक, 2024 पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए यह मांग की।
खंडेलवाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर वाहनों के भारी दबाव के कारण जाम की समस्या के परिप्रेक्ष्य में हवाई टैक्सी चलाने की योजना पर विचार करना समय की मांग है।
उन्होंने कहा कि शुरू में यह भले ही एक वर्ग के लिए ही उपयोगी हो सकता है, लेकिन बाद में सभी इसका इस्तेमाल करेंगे।
खंडेलवाल ने कहा कि 1934 से 2013 तक विमानन क्षेत्र की स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद यह क्षेत्र बिल्कुल ही अलग आयाम पर चला गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि कार्बन उत्सर्जन में कटौती और पारिस्थितिकी के अनुकूल प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल सहित विभिन्न सुधारों के लिए आधुनिक एवं प्रभावी नियामक प्रारूप लाया जाना जरूरी था।
उन्होंने कहा कि देश में कई शहर ऐसे हैं जो व्यवसाय के केंद्र तो हैं, लेकिन वहां हवाई संपर्क नहीं है। उन्होंने ऐसे शहरों में हवाई संपर्क शुरू करने की मांग की है।
खंडेलवाल ने विमानन कंपनियों द्वारा यात्रियों के साथ खराब व्यवहार किये जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार दिशा में जरूरी कदम उठाये।
कांग्रेस के जी. के. पडवी ने कहा कि इस विधेयक में नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने विमान किरायों को नियमित करने की वकालत की।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सदस्य हनुमान बेनीवाल ने निजी विमानन कंपनियों को बढ़ावा देने का मुद्दा उठाया। उन्होंने विमानन कंपनियों में पायलट और हवाई अड्डों पर ‘ग्राउंड स्टाफ’ की रिक्तियों का मुद्दा उठाया और इसे तत्काल भरे जाने का सरकार से अनुरोध किया।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर ने हवाई किराया अत्यधिक होने का मुद्दा उठाया और कहा कि गरीब आदमी को हवाई यात्रा कराने का प्रधानमंत्री का सपना इससे साकार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि करोड़ों महिलाएं हवाई जहाज में सफर करना चाहती हैं, लेकिन अत्यधिक किराया की वजह से उनका सपना पूरा नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने निजी विमानन कंपनियों में भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की मांग की।
चर्चा में शिवसेना के रवीन्द्र वाइकर और कांग्रेस सांसद सुधा आर ने भी हिस्सा लिया।
भाषा सुरेश