वायनाड में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने वाला 'सुपर हीरो' अब खुद लापता
रवि कांत मनीषा
- 05 Aug 2024, 04:16 PM
- Updated: 04:16 PM
वायनाड, पांच अगस्त (भाषा) केरल के वायनाड में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र मुंडक्कई में स्थानीय युवक प्रजीश ने अपनी जीप को दो बार खतरनाक पहाड़ी रास्ते से ऊपर तक पहुंचाया और कई असहाय लोगों को लेकर वापस लौटा, लेकिन अब वह खुद ही लापता हो गया है।
इससे पहले कि वह सुरक्षित स्थान पर पहुंच पाता, उसे तीसरे 'मिशन' के लिए फोन आया। तीसरे मिशन पर निकला, 'सुपर हीरो' के नाम से लोकप्रिय यह स्थानीय व्यक्ति अब खुद ही गायब है। चूरलमाला में उसकी क्षतिग्रस्त जीप देखी गई, जिससे बुरी खबर की आशंका के साथ-साथ अच्छी खबर की उम्मीद भी हुई।
अपनी जान जोखिम में डालकर, प्रजीश ने तीसरी बार जीप को पहाड़ी पर चढ़ाया, लेकिन वह बीच रास्ते में ही तेज बाढ़ के पानी, कीचड़ और पहाड़ों से लुढ़कते विशाल पत्थरों के बीच फंस गया।
यह प्रजीश की हृदय विदारक कहानी है, जो एक बचाव अभियान से जुड़ा और कई लोगों की जिंदगियां बचाई थीं।
भारी मन और नम आंखों के साथ चूरलमाला गांव के लोग अब प्रजीश को अपना 'सुपर हीरो' कहते हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला का प्रजीश हर किसी की मदद करने के लिए तत्पर रहने की अपनी आदत के कारण ग्रामीणों के बीच पहले से ही लोकप्रिय था।
एक ग्रामीण ने बताया कि मुंडक्कई गांव में पहली बार भूस्खलन की घटना के बारे में सुनने के बाद, प्रजीश अपने जोखिम पर दो बार पहाड़ी पर चढ़े और वहां फंसे कई लोगों के साथ वापस आ गए।
ग्रामीण ने कहा, ‘‘इसके बाद वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर जाने वाला था। अचानक उसे एक और फोन आया, जिसके बाद वह फिर से पहाड़ी पर चढ़ गया... लेकिन इस बार वह वापस नहीं लौटा। ’’
प्रजीश की क्षतिग्रस्त जीप बाद में चूरलमाला कस्बे में मिली। इसके बाद प्रजीश को किसी ने नहीं देखा।
एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि प्रजीश गांव में होने वाली सभी गतिविधियों में अनिवार्य रूप से शामिल रहता था और सभी का पसंदीदा था।
उन्होंने कहा, ‘‘ चाहे शादी हो या अंतिम संस्कार, वह शुरू से अंत तक मौजूद रहता था। कई अन्य लोगों की तरह, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मेरी भी बहुत मदद की, खासकर मेरी बेटी की शादी के दौरान।’’
प्रजीश के दोस्तों ने बताया कि जब वह तीसरी बार अपनी यात्रा पर निकला था, तो उन्होंने उसे पहाड़ी पर न जाने की चेतावनी दी थी। लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी और कहा कि मुंडक्काई में और भी लोग फंसे हुए हैं और वह उन्हें बचाना चाहता है।
केरल के वायनाड के गांवों में पिछले सप्ताह हुई भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या 222 तक पहुंच गई है। राज्य सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, कुल मृतकों में 97 पुरुष, 88 महिलाएं और 37 बच्चे शामिल हैं।
इसमें कहा गया है कि 222 मृतकों में से 172 की पहचान उनके रिश्तेदारों ने कर ली है।
भाषा रवि कांत