कर्नाटक: उत्तर कन्नड़ जिले में भूस्खलन में चार लोगों की मौत, तीन अन्य की तलाश जारी
शुभम दिलीप
- 16 Jul 2024, 10:44 PM
- Updated: 10:44 PM
बेंगलुरु, 16 जुलाई (भाषा) कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में शिरूर गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 66 पर मंगलवार को हुए भूस्खलन में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की स्थिति के बारे में अभी तक पता नहीं चला है।
कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने बताया कि भूस्खलन राष्ट्रीय राजमार्ग 66 पर हुआ।
गौड़ा ने कहा कि भूस्खलन की चपेट में सात लोग आए, जिनमें एक ही परिवार के चार सदस्य भी शामिल हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने 'पीटीआई भाषा' को बताया, "हमने अब तक चार शव बरामद किए हैं, जिनमें लक्ष्मण नाइक (47) और उनकी पत्नी शांति नाइक (36) का शव भी शामिल है। वे राष्ट्रीय राजमार्ग 66 पर एक भोजनालय चलाते थे। अन्य लोगों की खोज के लिए तलाश अभियान जारी है।"
मंत्री के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि रोशन (11), अवंतिका (6) और जगन्नाथ (55) की तलाश जारी है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सड़क किनारे बने भोजनालय पर पहाड़ी का एक हिस्सा गिर गया।
गौड़ा ने विधानसभा में बताया कि तीन गैस टैंकर के चालक चाय पीने के लिए भोजनालय में रुके थे, तभी पहाड़ी से कीचड़ और पत्थर गिरने लगे।
लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन में तीन में से दो टैंकर सड़क के दूसरी ओर बह रही गंगावली नदी में बह गए।
उत्तर कन्नड़ जिले की उपायुक्त के लक्ष्मी प्रिया ने नदी में गिरे गैस टैंकर में विस्फोट की स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिये ग्रामीणों को शिरूर से स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।
सूत्रों ने बताया कि स्थानीय पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के कर्मियों और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर बारिश के बीच बचाव अभियान चला रही है।
घटना के बाद सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
मंत्री गौड़ा ने कहा, ‘‘ढाबा चलाने वाले एक परिवार के चार सदस्यों और तीन चालकों की मौत हो गई होगी। कुल सात लोगों की मौत होने की आशंका है।’’
मंत्री ने कहा, "एक महिला का शव नदी से बरामद किया गया है।"
गौड़ा ने कहा, ‘‘चूंकि गैस टैंकर का नदी में होना खतरनाक हो सकता है, इसलिये बीपीसीएल और एचपीसीएल के लोग इसे देख रहे हैं।’’
गौड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के निर्देश पर जिला प्रभारी मंत्री मंकल एस वैद्य घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बारिश के कारण सड़क पर पड़े कीचड़ को साफ करने में 24 घंटे से अधिक का समय लग सकता है।
इस बीच, कर्नाटक सरकार ने भूस्खलन में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
भाषा
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