दिल्ली के 75 सीएम श्री स्कूलों में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाई जाएगी
माधव
- 10 Jul 2026, 09:53 PM
- Updated: 09:53 PM
नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) दिल्ली के 75 'सीएम श्री' विद्यालयों में वर्षा जल संचयन परियोजना को लागू करने के लिए सरकार के 'कैच द रेन' पहल के अंतर्गत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल), शिक्षा निदेशालय और एहसास एनजीओ के बीच शुक्रवार को त्रिपक्षीय समझौता (एमओयू) हुआ। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के मुताबिक, परियोजना के अंतर्गत चयनित 75 सीएम श्री स्कूलों में मौजूदा वर्षा जल संचयन प्रणाली का तकनीकी ऑडिट किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पुराने जल संचयन ढांचों, 'रिचार्ज पिट्स' और फिल्ट्रेशन प्रणाली की सफाई और पुनर्स्थापन का कार्य भी किया जाएगा।
इसमें कहा गया है कि स्कूल परिसरों में पाइपलाइन, फिल्टर, टैंक और बोरवेल सहित छत पर नए वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की जाएगी और परियोजना के तहत एक वर्ष तक रखरखाव और तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। बयान में कहा गया है कि यह परियोजना आईजीएल की सीएसआर पहल के अंतर्गत संचालित की जाएगी।
बयान के मुताबिक, यह समौझाता सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में हुआ है।
गुप्ता ने कहा, "जल संरक्षण केवल एक पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। दिल्ली सरकार शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चल रही है। यह पहल सरकारी विद्यालयों में सतत जल प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।"
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजधानी के सरकारी विद्यालयों को इतना उत्कृष्ट बनाना है कि भविष्य में अभिभावक निजी विद्यालयों के बजाय सरकारी विद्यालयों में अपने बच्चों का प्रवेश कराने को प्राथमिकता दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल 75 विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी और उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस मॉडल का दिल्ली सरकार के लगभग 800 विद्यालयों में विस्तार किया जाएगा जिससे राजधानी में व्यापक स्तर पर वर्षा जल संचयन और भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
बयान के मुताबिक, इस परियोजना के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय में प्रतिवर्ष लगभग दो लाख लीटर भूजल पुनर्भरण होने का अनुमान है, जिससे राजधानी में जल संरक्षण और भूजल स्तर को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि 'कैच द रेन' अभियान विद्यार्थियों में जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सतत जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगी।
भाषा नोमान नोमान माधव
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