कच्चे तेल में उछाल, भू-राजनीतिक तनाव से रुपया 28 पैसे टूटकर 96.53 प्रति डॉलर पर
अजय
- 22 Jul 2026, 09:28 PM
- Updated: 09:28 PM
मुंबई, 22 जुलाई (भाषा) कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के दबाव में रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे टूटकर 96.53 पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की धारणा और घरेलू शेयर बाजार में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की कारोबारी धारणा को प्रभावित किया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.36 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 96.25 से 96.60 प्रति डॉलर के दायरे में रहा। अंत में यह 96.53 प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 28 पैसे की गिरावट है।
रुपया मंगलवार को 11 पैसे की बढ़त के साथ 96.25 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, '' मंगलवार की थोड़े समय की तेजी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण भारतीय रुपये पर फिर दबाव बन गया है।''
उन्होंने कहा कि अमेरिकी शुल्क संबंधी बयानबाजी को लेकर फिर बढ़ी चिंताओं ने भी बाजार धारणा को कमजोर किया है। डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 96.10 से 97 के बीच रह सकता है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.10 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 4.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 94.92 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आपूर्ति की चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ''अमेरिका के ईरान पर हमला किए जाने और उसके जवाब में ईरान द्वारा कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं। इसके अलावा, हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से सऊदी अरब का तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने की भी धमकी दी है।''
उन्होंने कहा, ''कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से भी रुपये पर दबाव पड़ा। हालांकि, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक वार्ता रुपये में बड़ी गिरावट को रोक सकती है। साथ ही, केंद्रीय बैंक का संभावित हस्तक्षेप भी निचले स्तर पर रुपये को सहारा दे सकता है।''
चौधरी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 96.25 से 96.85 के दायरे में रह सकता है।
घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 715.06 अंक टूटकर 76,755.05 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 191.45 अंक की गिरावट के साथ 23,996.25 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने बुधवार को 819.20 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय
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