थरूर ने सरकार पर साधा निशाना; कहा : सड़कों पर छात्रों की पिटाई चौंकाने वाली
पवनेश
- 22 Jul 2026, 05:44 PM
- Updated: 05:44 PM
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि छात्रों की 'पिटाई' चौंकाने वाली थी और इस पूरे मामले को 'बहुत ही खराब' तरीके से संभाला गया।
थरूर मंगलवार रात जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल गए थे और 'संसद चलो' मार्च के दौरान घायल हुए कई छात्रों से बातचीत की। थरूर ने कहा कि उन्होंने छात्रों की दर्दनाक बातें सुनीं और वह उनसे परेशान हो गए।
प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने को काले कपड़े पहने हुए थरूर ने कहा कि यह देश में हो रही घटनाओं के प्रति निराशा को दर्शाता है।
जब उनसे भाजपा के इस आरोप के बारे में पूछा गया कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है, तो उन्होंने कहा कि असल बात यह है कि जब कोई मुद्दा संसद में नहीं उठाया जा सकता, तो राजनीति अपने आप उसमें आ जाती है।
थरूर ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, ''लेकिन असली मुद्दा छात्रों की भावनाएं हैं। वे देश का भविष्य हैं। और अगर उन्हें लगता है कि उनके साथ धोखा हुआ है, तो उन तक पहुंचने का कोई मौका होना चाहिए। मुझे सचमुच हैरानी है कि सरकार ने मामले को इस हद तक बिगड़ने दिया और छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं।''
थरूर ने कहा, ''यह वाकई बहुत बुरा कदम था। इसे बहुत गलत तरीके से संभाला गया। सड़क पर छात्रों की पिटाई चौंकाने वाली है।''
कांग्रेस सांसद ने कहा कि वह छात्रों से मिलने जंतर-मंतर गए थे, न कि कोई राजनीति करने या मंच पर जाने के लिए।
उन्होंने कहा, ''मैंने दिल को छू लेने वाली कुछ कहानियां और दुखद बातें सुनीं; पानी की बोतलें बांट रहे एक छात्र की आंख के नीचे और सिर पर लाठियों से हमला किया गया, एक लड़की के साथ पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की... मैं इन सब बातों से बहुत परेशान हूं।''
थरूर ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ''जबरदस्ती घसीटकर ले जाने'' को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस की 'बर्बर' कार्रवाई की आड़ में अपनी जवाबदेही की कमी को छिपा नहीं सकती।
थरूर ने जंतर-मंतर पर पीटीआई वीडियो से कहा, ''विपक्ष के नेता को जबरदस्ती खींचकर ले जाना और दूसरे सांसदों के साथ हिरासत में लेना, ऐसी घटना है जिसने हमारे देश में हर किसी का दिल और जमीर झकझोर दिया है।''
तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने कहा, ''मैं यहां विरोध कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए आया हूं। मुझे लगता है कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। यह अहिंसक विरोध है। कोई भी कानून के खिलाफ कुछ करने की कोशिश नहीं कर रहा है। इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि सरकार संवेदनहीन तरीके से क्यों पेश आ रही है।''
उन्होंने कहा, ''हम अपनी सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं करते कि वह विरोध-प्रदर्शन करने वालों, असहमति रखने वालों और न्याय की मांग करने वाले लोगों के साथ ऐसा व्यवहार करे। आखिर इन छात्रों ने अपनी परीक्षाओं के लिए कड़ी मेहनत की थी, खूब पढ़ाई की थी और तंत्र ने उन्हें धोखा दिया। तंत्र को चलाने वाली सरकार ने उन्हें धोखा दिया और उन्हें विरोध करने का पूरा अधिकार है।''
थरूर ने कहा कि सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने
कहा, ''सरकार पुलिस की कार्रवाई - और वह भी बहुत बर्बर - की आड़ में अपनी जवाबदेही की कमी को छिपा नहीं सकती।''
जंतर-मंतर पर घायल प्रदर्शनकारियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ''हम संसद में आपकी चिंताओं को उठाने की कोशिश करेंगे।''
बाद में, सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में थरूर ने कहा, ''राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और विपक्ष के अन्य नेताओं को उनके प्रदर्शन के दौरान जबरदस्ती हिरासत में लेना हमारे लोकतंत्र का गंभीर अपमान है।''
उन्होंने कहा, ''शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ शारीरिक हिंसा पूरी तरह से अनुचित है। कोई जवाबदेह सरकार असहमति को सुनती है; वह पुलिस कार्रवाई के जरिए उसे दबाती नहीं है... यह वह भारत नहीं है जिसकी कल्पना हमारे संविधान ने की है! हमें कभी भी इस भयावह व्यवहार को सामान्य बात नहीं बनने देना चाहिए।''
भाषा अविनाश पवनेश
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