सिंधू ने यामागुची को हराकर जापान ओपन का खिताब जीता
सुधीर
- 19 Jul 2026, 11:08 AM
- Updated: 11:08 AM
तोक्यो, 19 जुलाई (भाषा) दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने रविवार को यहां जापान ओपन में शानदार आक्रामक बैडमिंटन खेलते हुए स्थानीय प्रबल दावेदार अकाने यामागुची को सीधे गेम में हराकर पहली बार सुपर 750 टूर्नामेंट का खिताब जीता।
जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी 31 साल की सिंधू ने लगातार आक्रमण के साथ-साथ रणनीतिक अनुशासन और अहम पलों में संयम बनाए रखते हुए तीन बार की विश्व चैंपियन यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया और दो साल से अधिक समय बाद अपना पहला खिताब जीता।
सिंधू ने अपना पिछला खिताब 2024 में सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय में जीता था।
जापान ओपन की यह जीत 2019 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उनकी सबसे बड़ी खिताबी जीत है।
यामागुची छठी बार जापान ओपन के फाइनल में खेल रहीं थीं जबकि सिंधू ने पिछले चार साल में किसी पूर्ण मैच में जापान की इस खिलाड़ी को नहीं हराया था। इस साल की शुरुआत में मलेशिया ओपन में सिंधू ने यामागुची के पहले गेम के बाद हटने पर जीत दर्ज की थी।
सिंधू ने किसी पूर्ण मैच में यामागुची के खिलाफ पिछली जीत 2022 में थाईलैंड ओपन में हासिल की थी।
रविवार को भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। उन्होंने खेल को शानदार ढंग से नियंत्रित किया और सिर्फ ताकत की जगह रणनीतिक खेल दिखाया। जब भी यामागुची ने वापसी की कोशिश की तो सिंधू ने इसका कड़ा जवाब दिया।
मुकाबले में जबरदस्त स्मैश के साथ-साथ सिंधू का नेट पर सटीक खेल भी निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने बार-बार शटल को नेट के करीब रखा जिससे यामागुची को शटल को ऊपर उठाने पर मजबूर होना पड़ा और उन्हें अपने पसंदीदा क्रॉस कोर्ट और बॉडी स्मैश लगाने के मौके मिले।
सिंधू ने शुरुआत में 3-0 की बढ़त बनाई लेकिन भारतीय खिलाड़ी की सहज गलतियों से यामागुची ने स्कोर 3-3 कर दिया।
शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों ने गलतियां कीं लेकिन फिर सिंधू ने नेट पर शानदार खेल दिखाकर 9-6 की बढ़त बना ली।
भारतीय खिलाड़ी की लगातार दो गलतियों से यामागुची को वापसी का मौका मिल गया और उन्होंने बॉडी स्मैश से स्कोर 9-9 कर दिया।
यामागुची ब्रेक तक 11-9 की बढ़त बनाने में सफल रहीं।
ब्रेक के बाद सिंधू ने 36 शॉट की जबरदस्त रैली जीतकर स्कोर 11-11 से बराबर कर दिया। एक जोरदार क्रॉस कोर्ट स्मैश से वह 13-12 से आगे हो गईं और फिर स्कोर 16-12 किया।
जब स्कोर 17-15 था तब दोनों खिलाड़ियों के बीच 38 शॉट की शानदार रैली हुई जिसमें यामागुची ने बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन किया। इसके बाद सिंधू ने जापानी खिलाड़ी को बराबरी करने का मौका दे दिया।
सिंधू ने क्रॉस कोर्ट स्मैश और यामागुची की गलती से स्कोर 19-17 किया। फिर यामागुची का शॉट नेट में उलझ गया जिससे सिंधू को तीन गेम प्वाइंट मिले और फिर भारतीय खिलाड़ी ने कोने में सटीक शॉट खेलकर गेम जीत लिया।
सिंधू ने दूसरे गेम में भी अपनी लय बनाए रखी। 44 शॉट की एक और थका देने वाली रैली तब खत्म हुई जब यामागुची का शॉट बाहर चला गया। सिंधू ने लगातार छह अंक के साथ 8-3 की बढ़त बनाई।
यामागुची ने वापसी करते हुए स्कोर 7-8 कर दिया लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने ब्रेक तक 11-7 की बढ़त बना ली।
सिंधू ने अपनी बढ़त को 14-7 किया लेकिन जापान की खिलाड़ी ने एक बेहतरीन नेट शॉट, डीप फ्लैट पुश और भारतीय खिलाड़ी की कुछ गलतियों की मदद से अंतर को 12-14 कर दिया।
नेट पर एक गलती ने यामागुची की लय तोड़ी। दो जोरदार स्मैश से सिंधू ने स्कोर 17-14 किया और फिर 19-17 तक पहुंचाया।
जापान की खिलाड़ी ने इसके बाद एक रिटर्न बाहर मारा और नेट पर गलती करके सिंधू को तीन चैंपियनशिप अंक दे दिए। यामागुची ने रिटर्न बाहर मारकर खिताब सिंधू की झोली में डाल दिया। वीडियो रिव्यू के बाद लाइन कॉल को सही माना गया जिसके बाद सिंधू ने अपने कोच को गले लगा लिया।
भाषा सुधीर
सुधीर
1907 1108 तोक्यो