वांगचुक को तत्काल उपचार की जरूरत, परिवार ने उपचार की अब तक सहमति नहीं दी: सफदरजंग अस्पताल
संतोष
- 18 Jul 2026, 11:41 PM
- Updated: 11:41 PM
(तस्वीरों के साथ जारी)
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) पिछले 21 दिन से भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक में निर्जलीकरण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और गंभीर जटिलताओं से बचाने के लिए उन्हें तत्काल तरल पदार्थ तथा 'इलेक्ट्रोलाइट' उपचार की आवश्यकता है लेकिन बार-बार परामर्श दिए जाने के बावजूद वांगचुक और उनके परिवार ने उपचार के लिए सहमति नहीं दी है। सफदरजंग अस्पताल के प्राधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अस्पताल ने रात करीब नौ बजे जारी एक बयान में कहा कि वांगचुक होश में हैं और उनकी नाड़ी, रक्तचाप तथा रक्त में ऑक्सीजन का स्तर फिलहाल सामान्य सीमा में है।
अस्पताल ने हालांकि कहा कि लंबे समय से अनशन के कारण उनमें निर्जलीकरण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और उन्हें तत्काल मुंह से या नसों के माध्यम से तरल पदार्थ तथा 'इलेक्ट्रोलाइट' देना चिकित्सकीय रूप से आवश्यक है।
दिल्ली पुलिस वांगचुक को उनके अनशन के 21वें दिन जबरन सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने भी वांगचुक की जांच की और उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों की इस राय से सहमति जताई कि उन्हें तत्काल तरल पदार्थ तथा 'इलेक्ट्रोलाइट' उपचार देने की जरूरत है।
अस्पताल ने बताया कि एम्स के एक चिकित्सक को भी वांगचुक का उपचार कर रहे दल में शामिल किया गया है और वह उनके स्वास्थ्य पर नजर रखने एवं चिकित्सकीय देखभाल के लिए लगातार उपलब्ध रहेंगे।
अस्पताल ने कहा, ''उपचार कर रहे चिकित्सकों और स्वतंत्र विशेषज्ञ द्वारा इलाज की तत्काल आवश्यकता के बारे में बार-बार परामर्श दिए जाने के बावजूद मरीज ने नसों के माध्यम से तरल पदार्थ, मौखिक पुनर्जलीकरण घोल और सभी दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। मरीज के परिवार ने भी चिकित्सकीय उपचार के लिए अब तक सहमति नहीं दी है।''
बयान में कहा गया, ''उनकी नाड़ी, रक्तचाप और रक्त में ऑक्सीजन का स्तर फिलहाल सामान्य सीमा में है। हालांकि, उनमें निर्जलीकरण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और लंबे समय से अनशन के कारण उनकी हालत और बिगड़ने तथा गंभीर जटिलताएं उत्पन्न होने से रोकने के लिए तत्काल चिकित्सकीय उपचार आवश्यक है।''
अस्पताल ने कहा कि वांगचुक को लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
बयान में कहा गया, ''चिकित्सक वांगचुक और उनके परिवार को लगातार समझा रहे हैं कि उनके स्वास्थ्य को और बिगड़ने से बचाने के लिए वे जल्द से जल्द इलाज की अनुमति दें और सुझाया गया उपचार स्वीकार करें।''
वांगचुक और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के तीन कार्यकर्ता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉजपा के नेतृत्व में जारी प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
पुलिस कार्रवाई के कुछ ही समय बाद कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई की।
भाषा सिम्मी संतोष
संतोष
1807 2341 दिल्ली