पंजाब पुलिस ने अमेरिकी आरोपपत्र से जुड़े मामले में निरीक्षक को गिरफ्तार किया
सुभाष
- 18 Jul 2026, 07:15 PM
- Updated: 07:15 PM
होशियारपुर, 18 जुलाई (भाषा) पंजाब पुलिस ने अमेरिका के संघीय आरोपपत्र में भारत स्थित एक संगठित अपराध गिरोह से जुड़ी एक साजिश के मामले में नाम आने के बाद लाइन हाजिर किये गए एक निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) नवीन सिंगला ने बताया कि निरीक्षक गुरिंदरजीत सिंह नागरा को अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से जबरन वसूली करने और 16 लाख रुपये की अवैध रिश्वत लेने का दोषी पाया गया है।
सिंगला ने एक बयान में कहा कि जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, जिनसे अमेरिका स्थित परिवार से जबरन वसूली करने में नागरा की संलिप्तता सामने आई है।
उन्होंने बताया कि नागरा को 16 जनवरी 2026 को टांडा थाने में दर्ज प्राथमिकी में आरोपी बनाए जाने के बाद शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान प्राथमिकी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात और 13 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308 (जबरन वसूली) भी जोड़ी गई है।
डीआईजी ने बताया कि नागरा को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और अन्य साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और कदाचार के प्रति पंजाब सरकार की ''कतई बर्दाश्त नहीं करने'' की नीति को दर्शाती है।
सिंगला ने बताया कि अमेरिकी संघीय आरोपपत्र में एक भारतीय पुलिस अधिकारी पर जबरन वसूली के आरोपों से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद नागरा को पहले टांडा थाना प्रभारी के पद से हटाकर लाइनहाजिर कर दिया गया था।
होशियारपुर जिले के टांडा थाने के प्रभारी के रूप में तैनात नागरा को आठ जुलाई को राज्य सरकार ने मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट का संज्ञान लेने के बाद लाइन हाजिर किया था।
यह कार्रवाई अमेरिका के कैलिफोर्निया के मध्य जिले के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय द्वारा भारत आधारित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों के खिलाफ 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' नामक समन्वित अभियान शुरू करने की घोषणा के बाद की गई थी। इस अभियान के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गिरफ्तारियां हुई थीं।
इसके बाद पुलिस ने मामले की तथ्यात्मक जांच के आदेश दिए थे और इसकी जिम्मेदारी जालंधर (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक (जांच) को सौंपी गई थी।
यह मामला 15 जनवरी को हार्डवेयर दुकान के मालिक बलविंदर सिंह की हत्या से संबंधित है। टांडा थाना क्षेत्र के मियानी गांव स्थित सतकर्तार हार्डवेयर दुकान पर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोलीबारी की थी, जिसमें बलविंदर सिंह की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था।
पुलिस के अनुसार, तीन हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और गोलीबारी करने के बाद फरार हो गए।
जांच में सामने आया कि यह हत्या गुरदासपुर जिले के रुधियाना गांव निवासी गुरलाल सिंह उर्फ गोलू, तरनतारन जिले के छब्बल गांव निवासी गुरदेव सिंह उर्फ जस्सल और मियानी गांव निवासी चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी की कथित आपराधिक साजिश का परिणाम थी।
हत्या के समय ये तीनों विदेश में रह रहे थे और अब भी वहीं रह रहे हैं।
पुलिस ने आरोप लगाया कि मृतक के रिश्तेदार चरणजीत सिंह ने अपनी बेटी और बलविंदर सिंह के बेटे के तलाक से उपजे पारिवारिक विवाद के कारण हत्या की सुपारी दी थी।
आरोप है कि चरणजीत ने गुरलाल सिंह को हत्या का जिम्मा दिया, जिसने अपने साथियों की मदद से हमलावरों का इंतजाम किया। कथित तीनों शूटर को गिरफ्तार किया जा चुका है और वे जेल में हैं।
लॉस एंजिलिस में सात जुलाई को सार्वजनिक किए गए अमेरिकी संघीय आरोपपत्र में आरोप लगाया गया है कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया भारतीय जेल से आपराधिक गिरोह का संचालन कर रहा था और पंजाब पुलिस के अधिकारी नागरा ने अमेरिका में रहने वाले एक परिवार को भारत में हत्या के झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया।
आरोपपत्र के अनुसार, पीड़ित परिवार को भारत में झूठे आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी देकर जबरन वसूली की साजिश के तहत चार लाख अमेरिकी डॉलर का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया।
पुलिस ने पूर्व में कहा था कि जांच अधिकारी को आरोपों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिकी आरोपपत्र में, भारतीय जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ का नाम भी शामिल है। उन पर कनाडा में खालिस्तान समर्थक अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप है।
कनाडाई नागरिक निज्जर की 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
संघीय आरोपपत्र के अनुसार, बिश्नोई ने 45 वर्षीय निज्जर की हत्या का आदेश दिया था, जिसे अदालती दस्तावेजों में ''एचएसएन'' के रूप में संदर्भित किया गया है।
'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भारत स्थित तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों से जुड़े 24 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें कैलिफोर्निया से 11 लोग शामिल हैं। इन समूहों पर निज्जर की हत्या समेत विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
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1807 1915 होशियारपुर